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Fatehabad News: जाखल के पांच गांवों के खेतों में चार फुट तक भरा पानी

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जाखल क्षेत्र में ड्रोन से लिया गया जलभराव का चित्र। संवाद
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1500 एकड़ खेतों में धान की फसलें डूबीं, एनडीआरएफ की दो टीमें संभाल रहीं मोर्चा
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हेल्पलाइन नंबर 01667230018
घग्गर नदी में पानी 15 हजार 200 क्यूसेक

फोटो 33 से 38

संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद-जाखल। पंजाब के दो गांवाें मकोड़ी साहिब व फलूद में घग्गर के तटबंधों से टूटने से घग्गर का पानी जाखल की ओर पहुंच गया। जाखल सहित पांच गांवों के 1500 एकड़ क्षेत्र में पानी पहुंच गया है और धान की फसल पानी में डूब गई है। इन गांवों के खेतों में तीन से चार फुट तक पानी का जलभराव हो गया है। इस बीच घग्गर नदी में भी पानी का बहाव 15 हजार 400 क्यूसेक तक पहुंच गया है। रंगोई नाले में क्षमता से अधिक पानी का बहाव है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। घग्गर में बढ़ते जलभराव को देखते हुए जाखल के कई मार्गों को बंद कर दिया गया है। एनडीआरएफ की दो टीमें मोर्चा संभाल रहीं हैं।

पंजाब के दो गांवों में घग्गर के तटबंध टूटने के कारण पानी जाखल के गांव पूर्ण माजरा से होते हुए गांव कासिमपुर, नड़ैल, उदयपुर व जाखल गांव में पहुंच गया है। इन गांवों में 1500 एकड़ खेतों में जलभराव हो गया है। हालांकि गांवों में आबादी तक पानी नहीं पहुंचा है और एनडीआरफ व जिला प्रशासन की टीमें लगातार राहत के लिए लगी हुई हैं। गंभीर समस्या को देखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फूड पैकेट भी तैयार कर लिए हैं। प्रशासन की ओर से ड्रोन के माध्यम से इन गांवों पर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है, वहीं पशुपालन विभाग ने भी पशुओं के चारे के लिए पूरे प्रबंध किए हुए हैं। जाखल मंडी व गांव में संभावित बाढ़ को देखते हुए दुकानदाराें ने अपने गोदाम खाली करने आरंभ कर दिए हैं। मंडी व गांव में व्यापारियों ने अनाज के स्टॉक को हटाना आरंभ कर दिया है। फतेहाबाद में जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष के रूम नंबर 45 में स्थापित हेल्पलाइन नंबर 01667-230018 पर जानकारी ली व दी जा सकती है।
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घग्गर में जलस्तर 15 हजार 400 क्यूसेक से पार
चांदपुरा साइफन पर घग्गर नदी में 15 हजार 200 क्यूसेक पानी का बहाव चल रहा है। बुधवार को बहाव 11 हजार 900 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया था। घग्गर फिलहाल खतरे के निशान पर चल रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार, 2010 में चांदपुरा साइफन पर रिकार्ड 22 हजार क्यूसेक पानी आया था, जिससे बाढ़ आ गई थी। जाखल क्षेत्र में 15 हजार 400 क्यूसेक पानी आने के बाद बाढ़ की आशंका जताई जा रही है। गुहला चीका से 82 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो शुक्रवार सुबह तक चांदपुरा साइफन पर पहुंच जाएगा।


रंगोई नाले में क्षमता से अधिक पानी
जाखल से गुजरने वाले रंगोई नाले की क्षमता छह हजार क्यूसेक पानी की है, लेकिन यहां पर 8800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे रंगोई नाले के ओवरफ्लो होने का भय भी बना हुआ है।


पुलिस ने सड़क मार्गों को किया बंद

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस द्वारा जाखल में बैरिकेड लगाकर जाखल से वाया कासिमपुर, नडैल गांवों को जाने वाले रास्ते को बंद कर आवाजाही को अवरुद्ध कर दिया है। इसी तरह म्योंद पुलिस चौकी के पास पुलिसकर्मियों ने नाकाबंदी व बैरिकेड लगाकर भाखड़ा नहर किनारे से कासिमपुर, चूहडपुर, नडैल गांवों का संपर्क भी तोड़ दिया है।



एडीजीपी ने किया दौरा

बाढ़ के हालातों को देखते हुए वीरवार को एडीजीपी श्रीकांत यादव, डीसी मनदीप कौर ने अन्य अधिकारियों सहित मौके का दौरा किया। वहीं टोहाना सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राहुल शर्मा व एसडीओ संजीव सिंघल लगातार घग्गर के तटबंधों व रंगोई नाले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।


डीसी ने समाजसेवी संस्थाओं के साथ की बैठक

जिला उपायुक्त मनदीप कौर ने जाखल मार्केट कमेटी कार्यालय में शहर की लगभग 21 संस्थाओं के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने इस आपदा से निपटने के लिए सहयोग की अपील की। वही संस्थाओं द्वारा जिला उपायुक्त को आश्वासन देते हुए बताया कि हम प्रशासन के साथ सहयोग करने में हरसंभव प्रयासरत है। बता दें कि जिला उपायुक्त द्वारा शहर की 21 संस्थाओं को प्रत्येक गांवों के गुरद्वारा साहिब से जोड़ा गया है। जिसमें गीला व सूखा राशन तैयार किया जाए।
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कोट
जाखल के कुछ गांवों में पानी घुसा है, लेकिन आबादी तक पानी नहीं आया है। आबादी को बचाने के लिए रिंग बांधों का काम जारी है। इसके लिए मनरेगा मजदूरों व स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।
-मनदीप कौर, उपायुक्त फतेहाबाद।
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