दरियापुर के गोदाम में खुले में रखा गेहूं काला पड़ने लगा है।
फतेहाबाद। जिले के राशन डिपुओं पर खराब और सड़ा हुआ गेहूं भेजा जा रहा है। दरियापुर स्थित राइस मिल के गोदाम में हैफेड की ओर से खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं सड़ने लगा है जिससे हैफेड की भंडारण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। गोदाम में रखे 62,500 क्विंटल गेहूं में से करीब 5,000 क्विंटल खराब होने का अनुमान है। इसके बावजूद खराब अनाज राशन डिपुओं तक पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
गेहूं को बारिश, नमी और मौसम के प्रभाव से बचाना जरूरी है। इसके लिए सुरक्षित भंडारण व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन दरियापुर की राइस मिल में गेहूं खुले में पड़ा रहा। उचित सुरक्षा के अभाव में अनाज की गुणवत्ता खराब हो गई। सवाल है कि जब हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारियों ने इसकी सुध क्यों नहीं ली?
सवाल : हर बैग की जांच, फिर कैसे पहुंच रहा खराब गेहूं
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से राशन डिपुओं पर आपूर्ति भेजने से पहले प्रत्येक बैग की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण अनाज पहुंचाना है। इसके बावजूद डिपुओं पर सड़ा गेहूं पहुंचना जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। यह भी जांच का विषय है कि गेहूं भंडारण के दौरान खराब हुआ या आपूर्ति से पहले गुणवत्ता जांच में लापरवाही बरती गई।
खराब अनाज पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी
हैफेड की ओर से दरियापुर की राइस मिल में गेहूं का भंडारण किया गया था। करीब 5,000 क्विंटल गेहूं खराब होने का अनुमान है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्थिति पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। सरकारी अनाज की खरीद, सुरक्षित भंडारण और वितरण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी है। खराब अनाज उपभोक्ताओं तक पहुंचना व्यवस्था की गंभीर खामी है।
ऑल फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष शीशपाल गोदारा ने कहा कि डिपुओं पर खराब राशन पहुंचने का मामला कई बार अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है। गोदामों में गेहूं सड़ रहा है। वहीं हैफेड के डीएम राजहंस का कहना है कि मैं मीटिंग में हूं। बाद में बात करूंगा।