समैन। गांव गाजुवाला के खेल परिसर में 80 से अधिक खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में निरंतर अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खेल परिसर में शौचालय, पीने का पानी और आराम करने के लिए शेड जैसी सुविधाएं नहीं हैं।
खिलाड़ी पीने का पानी घर से लाते हैं, जबकि परिसर के शौचालय की खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं। देखरेख के अभाव में चहारदीवारी भी गिरने के कगार पर है। खिलाड़ी आशीष, अंकुश, मंदीप, लवीश, भगता, अनिकेत, अभिषेक और सौरभ ने बताया कि खेल सामग्री उपलब्ध नहीं होने से उन्हें अपने स्तर पर ही खेलों की तैयारी करनी पड़ रही है।
उन्होंने सरकार और खेल विभाग से अपील की कि खेल परिसर में जरूरी सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बना गांव का नाम रोशन कर सकें।
कई साल पहले ग्राम पंचायत ने सरकारी स्कूल के सामने खेल परिसर बनवाया था। इसमें कोई सुविधा नहीं है। गांव में काफी संख्या में खिलाड़ी अलग अलग खेलों का अभ्यास करते हैं। उनकी सरकार से मांग है कि खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल सुविधाएं प्रदान की जाए ताकि वे अपने खेल को निखार सके।
- दर्शन सिंह, किसान नेता गाजुवाला।
गांव में बने खेल परिसर में खिलाड़ियों के लिए न तो शौचालय की कोई व्यवस्था है न पीने के पानी की। ऐसे में उन्हें पीने का पानी घर से ही साथ लेकर आना पड़ता है। खिलाड़ियों के पास खेलो का कोई सामान नहीं है। उनकी सरकार से मांग है कि खेल परिसर में खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
- सुरेंद्र बोलान, पूर्व खिलाड़ी गाजुवाला।
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गांव में 80 से अधिक खिलाड़ी सुबह शाम अलग अलग खेलों का अभ्यास करते हैं। उनके परिवार से भी कई खिलाड़ी कबड्डी खेल की तैयारी करते हैं। खिलाड़ियों के लिए वहां कोई सुविधा नहीं है। शौचालय के दरवाजे व खिड़कियां टूटी हुई हैं। उनकी मांग है कि खिलाड़ियों के लिए वहां सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- सतीश कुमार, ग्रामीण।
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गांव में कई साल पहले तीन एकड़ में खेल परिसर बनाया गया था। ग्राम पंचायत खिलाड़ियों के लिए समय समय पर सहयोग करती है। फिलहाल वहां खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। उनकी सरकार से मांग है कि खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाए। ग्राम पंचायत हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है।
-बिंदर सिंह, सरपंच प्रतिनिधि गाजुवाला।