फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के बाहर इंतजार करते हुए
फतेहाबाद। इंफ्लूएंजा वेरिएंट वायरस को लेकर सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। अस्पताल में अगर गंभीर सांस रोगी आता है तो उसका कोविड और स्वाइन फ्लू का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजना होगा। लेकिन अस्पताल की ओपीडी में इसका पालन शुरू नहीं हुआ है। वायरस जनित रोगियों की संख्या बढ़ रही है लेकिन नागरिक अस्पताल में उपचार की व्यवस्था घट रही। यहां फिजिशियन ही नहीं हैं, इस कारण ओपीडी प्रभावित हो रही है। अस्पताल में मास्क लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं लेकिन इसको लेकर भी सख्ती नहीं की गई है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तैयारियां पूरी है और अस्पतालों को उनके यहां लगे ऑक्सीजन प्लांट का रिव्यू के निर्देश दिए गए हैं। फतेहाबाद में 500, टोहाना में 300 और रतिया में 250 एलपीएम का प्लांट लगा है। इसके अलावा सिलिंडर से भी ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को फिजिशियन और टीबी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी बंद रही, इस कारण कई मरीजों को लौटना पड़ा। ऐसे में सांस के गंभीर रोगियों को चिह्नित कर पाना संभव नहीं है।
डॉक्टर और कर्मचारियों को नहीं लगी वैक्सीन, दवाइयों का स्टॉक भी नहीं पहुंचा
नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर डॉक्टरों से लेकर स्टाफ तक को वैक्सीन लगानी थी लेकिन अभी तक नहीं लगी है। ये वैक्सीन एहतियात के तौर पर लगाई जानी थी। वहीं सिविल सर्जन कार्यालय ने स्वाइन फ्लू को लेकर पिछले माह 75 एमजी की 500 और 30 एमजी की 400 टैबलेट की डिमांड की थी, लेकिन अभी नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशस्तर पर दवाइयों की सप्लाई होनी है।
जिले में स्वाइन फ्लू के ये मिल चुके हैं केस
वर्ष केस मिले
2015-16 8
2016-17 0
2017-18 27
2018-19 59
2019-20 2
2020-21 2
2021-22 0
2022-23 3
ये रखें सावधानी
नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि भीड़-भाड़ में जाने से बचें। मास्क लगाकर रखें। बुजुर्ग खासकर सावधानी बरतें। हाथों को समय-समय पर धोते रहें। अगर सांस लेने में ज्यादा दिक्कत है तो डॉक्टर से जरूर जांच करवाएं। अपनी मर्जी से दवा न लें।
इंफ्लूएंजा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से एडवाइजरी आ चुकी है। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गंभीर सांस के रोगियों का सैंपल लें। किट विभाग के पास मौजूद है। सैंपल लेकर अग्रोहा मेडिकल में भेजे जाएंगे।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ