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Fatehabad: पर्वतारोही मनीषा के समर्थन में गांव बनावाली के ग्रामीण पहुंचे लघु सचिवालय, जताया विरोध

Mon, 30 Jan 2023 02:28 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

एवरेस्ट विजेता को सरकार से सम्मान न मिलने पर रोष जताया। यहां ग्रामीणों ने पड़ाव डालते हुए प्रशासन व सरकार से मनीषा की मांग को पूरा करने पर जोर दिया।

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पर्वतारोही मनीषा पायल के समर्थन में गांव बनावाली के ग्रामीण पहुंचे लघु सचिवालय - फोटो : संवाद
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विस्तार
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फतेहाबाद जिले की एकमात्र महिला एवरेस्ट विजेता मनीषा पायल द्वारा सरकार पर सम्मान न दिए जाने के आरोप लगाए जाने का मामला गर्माने लगा है। सामाजिक संगठनों के बाद मनीषा के पैतृक गांव बनावाली के ग्रामीण भी एकजुट हो गए हैं। सोमवार को काफी संख्या में ग्रामीण मनीषा को साथ लेकर लघु सचिवालय पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने पड़ाव डालते हुए प्रशासन व सरकार से मनीषा की मांग को पूरा करने पर जोर दिया।

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गौरतलब है कि बीते सप्ताह ही एवेरेस्ट विजेता मनीषा पायल ने लघु सचिवालय पहुंचकर नगराधीश को सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए उसके साथ सम्मान के मामले में भेदभाव किए जाने के आरोप लगाए थे। मनीषा ने 22 मई 2019 को राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र वाला झंडा भी दुनिया की सबसे उंची चोटी पर फहराया था।

इस दौरान वह जख्मी होकर काफी समय तक गुरुग्राम के अस्पताल में उपचाराधीन भी रही। उसके नाम एवरेस्ट पर सबसे ज्यादा समय बिताते हुए राष्ट्रगान का विश्व रिकॉर्ड भी है। मनीषा के अनुसार उसकी इतनी उपलब्धियों के बावजूद सरकार ने चार साल बीतने के बाद भी उसे पूर्व के एवरेस्ट विजेताओं की तर्ज पर कोई सम्मान नहीं दिया है।
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उसके साथ भेदभाव करते हुए उसे अब तक एवरेस्ट फतेह का खेल सर्टिफिकेट तक सरकार ने नहीं दिया है। इतना ही नहीं उसने 2019 में एवरेस्ट फतेह किया, लेकिन सरकार ने उसके एवरेस्ट फतेह के सालभर बाद नई पाॅलिसी बनाते हुए चीन के रास्ते इस चोटी को फतेह करने वालों को ही प्रमाणिकता देने का नियम बना दिया।

गांव के सरपंच बलजीत झाझड़िया, भगतसिंह ब्रिगेड भट्टू कलां के प्रमुख नौरंग सिंह व सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश सरकार को गांव बनावाली की बेटी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उसे भी उसके हकों के मुताबिक नौकरी व अन्य सुविधाएं देनी चाहिए।

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