भूना। गांव डूल्ट स्थित आरोही मॉडल स्कूल में नए सत्र 2024-25 में दाखिले में गांव के विद्यार्थियों को प्राथमिकता नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और धरना देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रिंसिपल हरदीप सिंह ने मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे।
मगर ग्रामीणों ने बीईओ की एक नहीं सुनी और डूल्ट गांव के बच्चों को स्कूल दाखिले में विशेष छूट देने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी। बीईओ ने ग्रामीणों को बताया कि विद्यालय में प्रवेश परीक्षा देने का प्रावधान है, जो मेरिट में बच्चे आते हैं, उन्हें ही विभिन्न कक्षाओं के लिए दाखिले की अनुमति मिलती है। मगर विद्यालय में किसी गांव को विशेष छूट या जाति आधारित आरक्षण जैसी कोई छूट नहीं है। परंतु ग्रामीण बीईओ के सवाल से संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी।
डूल्ट के पूर्व सरपंच शीशपाल सिंह, मदनलाल, भीम सिंह चौहान, अनुराग जनागल, अक्षय कुमार, नरेश पाल, अमन कुमार, सर्वेश कुमार, मोहनलाल, बबलू हलवाई, दीपक कुमार, समुंद्र सिंह आदि ने बताया कि आरोही मॉडल स्कूल के लिए डूल्टवासियों ने कई करोड़ रुपये की जमीन मुफ्त में दी थी क्योंकि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि मेजबान गांव के बच्चों को दाखिले में विशेष प्राथमिकता मिलेगी। मगर स्कूल प्रशासन ने प्राथमिकता देना तो दूर विशेष समुदाय के विद्यार्थियों का नाम काट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इसको लेकर कई बार प्रिंसिपल को डूल्ट के बच्चों के साथ अन्याय नहीं करने के लिए ज्ञापन भी दिए थे। परंतु उनकी कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं आया और गांव के बच्चों को दरकिनार करके बाहरी बच्चों के दाखिले किए जा रहे हैं। इसके खिलाफ सोमवार को स्कूल में विरोध प्रदर्शन करके गांववासियों ने अपनी आवाज को बुलंद किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल प्रशासन की मनमानी किसी भी कीमत पर नहीं चलने देंगे क्योंकि अनुसूचित जाति के अति निर्धन परिवारों के बच्चों को टारगेट किया जा रहा है। दोपहर बाद जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया और उनकी समस्या के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी अपने घरों को लौट गए।
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आरोही स्कूल में 10वीं व 12वीं को छोड़कर कक्षा छठी से 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए होती है परीक्षा
प्रिंसिपल हरदीप सिंह ने बताया कि आरोही मॉडल विद्यालय में कक्षा छठी, सातवीं, आठवीं व नौवीं तथा 11वीं कक्षा में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होती है। जो बच्चे मेरिट में आते हैं, उन्हें ही विद्यालय में दाखिला मिलता है। प्रत्येक कक्षा में 80 सीट सीमित हैं। अगर मेरिट सूची के बाद किसी भी कक्षा में सीट खाली रहती है तो पुन: प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भर दिया जाता है। 150 सीट खाली रह गई है, जिन्हें भरने के लिए अब 18 मई को प्रवेश परीक्षा होगी। किसी जाति को आरक्षण या मेजबान गांव को विशेष छूट देने का दाखिला प्रक्रिया में कोई प्रावधान नहीं है।
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जिन बच्चों के नाम काटे गए हैं, उन्हें मौका दिया जाएगा : डीईओ
आरोही मॉडल स्कूल डूल्ट में सोमवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों की कुछ जायज मांग थी। ग्रामीणों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। स्कूल प्रभारी के स्थानांतरण के आदेश दिए गए हैं। इसलिए ग्रामीण संतुष्ट होकर अपने घर चले गए।
संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद