बाजार में रेहड़ी पर बेचने के लिए रखी सब्जी।
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पिछले दस दिनों से फतेहाबाद में हरी सब्जियों के भाव में 40 से 50 फीसदी तक वृद्धि हो गई है। सब्जियों के भाव बढ़ने का मुख्य कारण मानसून में बेलदार सब्जियों का खत्म होना बताया गया है। इसके अलावा सीजन खत्म होने से खेतों में सब्जियों की पैदावार खत्म हो गई थी। लोकल सब्जियों की पैदावार न होने से अब 80 फीसदी सब्जियां दिल्ली से यहां आ रही है जिस कारण रेट में वृद्धि हो गई है। लॉकडाउन में अप्रैल के प्रथम सप्ताह, घीया, तौरी, बैगन, टिंडा और टमाटर इत्यादि के भाव 2 से चार रुपये किलो थे जो जून के अंतिम सप्ताह में 20 से 25 रुपये किलो तक पहुंच गए और अब 10 दिनों में इसके भाव आसमान छू गए। अब यह रिटेल में 50 रुपये से भी ऊपर बिक रहे हैं। सब्जी मंडी में आढ़ती एसके फ्रूट कंपनी के संचालक सुरेश मताना व पवन राठौर के अनुसार पिछले दस दिनों में सब्जी के भाव दोगुना हो गए हैं। इसकी वजह लोकल सब्जी खत्म होना व दिल्ली से सब्जी आने के कारण रेटों का तेज होना बताया गया है। बड़ी बात यह है कि यहां सब्जी मंडी में सब्जी आने के बाद पहले आढ़ती के द्वारा बोली होती है। बाद में इसे मंडी का थोक विक्रेता खरीदता है और उसके बाद यह पहुंचती है आम उपभोक्ता तक। इन तीनों के हाथों से गुजर जाने के बाद सब्जी के रेटों 40 फीसदी तक वृद्धि हो जाती है। यही कारण है कि अब सब्जीमंडी में बोली पर मटर 125 रुपये प्रति किलो बिका तो बाजार में इसके भाव 200 रुपये प्रति किलो हैं।
इस प्रकार है थोक व रिटेल के सब्जी भाव प्रति किलो
सब्जी का नाम सब्जीमंडी के थोक भाव मंडी के रिटेल भाव बाजार भाव
आलू 25/- 30/- 40/-
प्याज 16/- 22/- 25/-
घीया 35/- 45/- 50/-
तौरी 30/- 40/- 50/-
टिंडा 35/- 50/- 60/-
अरबी 28/- 40/- 45/-
बैंगन 25/- 30/- 40/-
मटर 125/- 160/- 200/-
ग्वार फली 40/- 50/- 60/-
शिमला मिर्च 50/- 65/- 80/-
गोभी 40/- 60/- 70/-
टमाटर 35/- 40/- 50/-