फतेहाबाद। पांच माह बाद मंगलवार को बुलाई गई नगर परिषद सदन की बैठक भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। इसके चलते वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 39 करोड़ रुपये का बजट पारित नहीं हो सका। विकास कार्यों के टेंडर लगवाने में पक्षपात का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने सत्ता पक्ष को निशाने पर लिया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ और मामला आपसी विवाद तक पहुंच गया। नतीजतन बैठक को बीच में खत्म करने की घोषणा करनी पड़ी।
बैठक शुरू होते ही फाइनेंस कमेटी सदस्य पार्षद प्रतिनिधि अनिल गर्ग और पार्षद निर्मल सिवाच के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बात तू-तड़ाक तक पहुंच गई जिससे माहौल और गरमा गया। हंगामे के बीच चेयरमैन राजेंद्र सिंह खिंची खड़े हुए और बैठक बीच में ही समाप्त करने की घोषणा कर दी। बैठक से पहले ही पार्षदों में असंतोष था। कार्यकारी अभियंता राकेश पूनिया का तबादला डबवाली से नारनौल होने की जानकारी मिलते ही यह और बढ़ गया। पूनिया को नगर परिषद का अतिरिक्त प्रभार मिला था जिस पर भी सवाल उठे। नाराज पार्षदों ने शुरुआत में ही बैठक में आने से इन्कार कर दिया। इनमें से सात पार्षद चेयरमैन के कार्यालय में ही बैठे रहे। इनका आरोप था कि विकास कार्यों के टेंडर लगाने में पक्षपात हुआ है। इसी कारण बजट को मंजूरी देने से इन्कार कर दिया गया था। बाद में एमई नरेंद्र पंवार और एसओ सुरेंद्र के समझाने पर पार्षद बैठक में पहुंचे लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। लगातार हंगामे और असहमति के चलते बजट प्रस्ताव लंबित रह गया।
नहीं करूंगा साइन, मेरी मर्जी: गर्ग
बैठक में पार्षद निर्मल सिवाच ने अनिल गर्ग से कहा कि एस्टीमेट तो अब बन जाएंगे तुमने साइन तो नहीं किए। अब प्रधान की गोदी में बैठ गया। इस पर गर्ग ने कहा कि नहीं करूंगा साइन मेरी मर्जी। बकवास न कर ज्यादा। निर्मल ने कहा कि इनका कार्यकाल खत्म हो गया है। अब हमें हमारे वार्ड के किसी काम पर इनके साइन नहीं करवाने हैं। इसके बाद पार्षद राजकुमार, सुभाष नायक, रवि मेहता ने भी अपनी बात रखी। सिवाच ने कहा कि गर्ग ने खुद के वार्ड के टेंडर लगवा लिए और उनके वार्ड के एस्टीमेट पर हस्ताक्षर नहीं किए क्योंकि उसमें इनके खुद के वार्ड के काम नहीं थे।
उपप्रधान अधिकारियों के साथ करती रहीं इंतजार
नगर परिषद कार्यालय में बजट बैठक सुबह 11 बजे रखी गई थी। प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची पौने 12 बजे तक अपने कार्यालय में मौजूद रहे। इस दौरान पार्षद मोहन लाल, अनिल गर्ग, सुखदेव सिंह, सुभाष नायक, नीलम आहुजा, चंद्रभान वधवा, पार्षद प्रतिनिधि किट्टू बजाज के साथ बैठक कर रणनीति बनाते रहे। उपप्रधान सविता टुटेजा बैठक कक्ष में अधिकारियों के साथ इनका इंतजार करतीं रहीं।
पार्षद बोले- लोग कपड़े फाड़ते हैं
पार्षद मोहन लाल नारंग ने कहा कि 19 नवंबर 2025 के एजेंडों को अधिकारियों ने खोलकर ही नहीं देखा है। कोई समीक्षा ही नहीं की। चेयरमैन और अधिकारियों के पास शहर में विकास कार्यों का कोई विजन ही नहीं है। साइकिल ट्रैक प्रोजेक्ट रुका हुआ है, खेलने के लिए मैदान नहीं है। पार्षद रमेश गिल्होत्रा ने कहा कि वार्ड में गली निर्माण नहीं हो रहा है, बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं है। जनता कपड़े फाड़ती है। पार्षद प्रतिनिधि राजेंद्र आहूजा ने कहा कि वार्ड में साइन बोर्ड लगे हैं लेकिन उन पर अभी तक स्टीकर नहीं लग पाए हैं।
कर्मचारियों के वेतन पर संकट
बजट पास नहीं होने से अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन पर संकट आ सकता है। बैठक में नगर परिषद प्रशासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पास करवाया जाना था। इसी से शहर में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
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मेरे लिए सब बराबर हैं, सबके काम होने चाहिए
शहर के चौकों के निर्माण की मांग उठाई जा रही है। पार्कों का बुरा हाल है लेकिन काम नहीं होने दिए जा रहे। कुछ पार्षदों के वार्डों के कार्यों के टेंडर लग गए हैं लेकिन कुछ रह गए हैं। जब तक सभी वार्डों के टेंडर नहीं लगेंगे तब तक बैठक नहीं होगी। मेरे लिए सब बराबर हैं। सबके काम होने चाहिए। - राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
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नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता का तबादला हो गया है। इसे रुकवाने का प्रयास किया जाएगा ताकि शहर के काम प्रभावित न हो सकें। - सविता टुटेजा, उप प्रधान, नगर परिषद