फतेहाबाद। शहर में बेलगाम दौड़ रहीं ई-रिक्शा को अब पहचान मिल सकेगा। अगर कोई ई-रिक्शा चालक मनमानी करता है तो सवारियां शिकायत कर सकेंगी। ट्रैफिक पुलिस ई-रिक्शा को यूनिक आईडी जारी करेगा। ये यूनिक आईडी ई-रिक्शा पर चालक को लगानी होगी। ट्रैफिक पुलिस ने आरटीए से ई-रिक्शा की सूची मांगी है। आरटीए से फतेहाबाद में चल रहे 650 ई-रिक्शा की सूची ट्रैफिक पुलिस को मिली है।
ट्रैफिक पुलिस ने इन ई-रिक्शा चालकों से दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस ऑटो चालकों के चरित्र, स्थायी पते का सत्यापन, उनके ड्राइविंग लाइसेंस व ऑटो के रजिस्ट्रेशन की वैधता जांचने उपरांत चालक को यूनिक आईडी जारी करने का कार्य करेगी। यूनिक आईडी पर ई-रिक्शा का नंबर और चालक की फोटो होगी। ट्रैफिक पुलिस ने 15 अक्टूबर तक यूनिक आईडी लगाने के निर्देश
दिए हैं।
यूनिक आईडी में पुलिस ई-रिक्शा को नंबर देगा। अगर चालक मनमानी करता है तो सवारी को सिर्फ नंबर बताना होगा। इस नंबर के आधार पर भी चालक ई-रिक्शा की पहचान कर सकेगी। पुलिस के पास भी नंबर के आधार से रिकॉर्ड रहेगा। संवाद
रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी
ऑटो चालक व ई-रिक्शा चालकों को यूनिक आईडी बनवाने के लिए चालक को अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए ऑटो की आरसी व ऑटो मालिक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य है । पुलिस ऑटो चालक की यूनिक आईडी बनाने के लिए उसका स्थाई पता व उसका चरित्र भी प्रमाणित करेगी। इसके बाद ऑटो चालकों को यूनिक आईडी नंबर जारी किया जाएगा। यूनिक आईडी पर चार अंकों का कोड व चालक के नाम व फोटोग्राफ समेत ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर भी अंकित होगा। ऑटो चालक को यह यूनिक आईडी फ्रंट शीशे पर एक प्रति अंदर व एक पिछले स्थान पर चिपकानी होगी।
डायल 112 से किया जाएगा लिंक
ई-रिक्शा में लगे यूनिक कोड सीधे डायल 112 से लिंक किया जाएगा। यात्री द्वारा डायल 112 पर मदद मांगे जाने पर तुरंत चालक की पहचान हो जाएगी। इसके लिए एक डेटाबेस डाटा बेस तैयार किया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाया कदम
पुलिस विभाग की इस पहल से जहां अच्छी छवि के ऑटो व ई-रिक्शा चालकों को राहत मिलेगी। वहीं इस पेशे में कुछ असामाजिक तत्वों व नशेबाजों पर अंकुश लग पाएगा। पुलिस के इस कदम से महिलाएं व लेट तक ऑटो में सफर करने वाले आम जन भी अपने को सुरक्षित महसूस करेंगे।
-एसआई शिव कुमार, इंचार्ज ट्रैफिक थाना