फतेहाबाद। शहर में रोजाना करीब दो टन पॉलिथीन खप रही है लेकिन प्रतिबंध के बावजूद इसके इस्तेमाल पर रोक नहीं लग पा रही। बावजूद इसके इस साल अब तक नगर परिषद ने महज 27 चालान किए हैं। पॉलिथीन के विकल्प को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पहल भी धरातल पर नहीं उतर पाई है।
एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में पॉलिथीन का इस्तेमाल जारी है। दुकानों से लेकर रेहड़ी-फड़ी तक प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। इसे रोकने की जिम्मेदारी नगर परिषद के साथ प्रदूषण नियंत्रण विभाग की भी है। इसके बावजूद शहर में प्रभावी अभियान नजर नहीं आ रहा।
सीमित कार्रवाई के कारण प्रतिबंध का असर दिखाई नहीं दे रहा। बड़े स्तर पर चालान करने की कार्रवाई नहीं हुई है। नगर परिषद की ओर से शुरू किया गया थैला बैंक भी ठंडे बस्ते में है। ऐसे में पॉलिथीन के विकल्प को बढ़ावा देने की पहल आगे नहीं बढ़ पाई है। संवाद
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52 रुपये का बैग, फिर भी अलमारियों में बंद
पॉलिथीन के इस्तेमाल को कम करने के लिए नगर परिषद ने करीब तीन हजार कपड़े के थैले तैयार करवाए थे। एक थैले पर करीब 52 रुपये खर्च किए गए। इस पहल का मकसद लोगों को पॉलिथीन के बजाय कपड़े के थैले इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करना था लेकिन ये बैग लोगों तक पहुंचाने में भी तेजी नहीं दिखाई गई। बड़ी संख्या में थैले अलमारियों में बंद पड़े हैं। यदि इनका नियमित वितरण किया जाता और बाजारों में जागरूकता अभियान चलाया जाता तो लोगों को पॉलिथीन का विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता था।
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कब कितने चालान
माह चालान
जनवरी 2
फरवरी 4
मार्च 6
अप्रैल 2
मई 5
जून 2
जुलाई 2
अगस्त 3
सितंबर 1
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एकल उपाय पॉलिथीन पर रोक लगाने के लिए नगर परिषद के साथ मिलकर अभियान चलते रहते हैं। बड़े स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक कुमार, एसडीओ, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
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नगर परिषद की तरफ से कपड़े के बैग तैयार करवाए गए हैं और बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। दुकानदारों से भी अपील है कि पॉलिथीन न बेचें और सरकार के मानकों के अनुसार ही बेचे जाएं ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद