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Fatehabad News: अवैध रूप से 18 पेड़ काटने के मामले में नगर परिषद चेयरमैन के बेटे समेत दो फंसे

Tue, 26 May 2026 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे विभाग के डीएफओ राजेश कुमार। संवाद
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टोहाना। मनियाना रोड स्थित टोहाना डिस्ट्रीब्यूटरी पर वन विभाग की जमीन से 18 पेड़ों की अवैध कटाई का मामला गरमा गया है। शिकायतकर्ता नवजोत ढिल्लों की पीसीसीएफ पंचकूला को भेजी शिकायत के बाद डीएफओ राजेश कुमार ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। डीएफओ की जांच में सामने आया कि पेड़ बिना किसी अनुमति के काटे गए हैं।
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डीएफओ ने बताया कि यह जमीन वन विभाग व नहर महकमे की है और कटे पेड़ वन विभाग के हैं। डीएफओ राजेश कुमार के अनुसार कटान में आरा संचालक के बेटे प्रिंस की लेबर और भाजपा नेता नगर परिषद अध्यक्ष नरेश बंसल के बेटे दीपक की संलिप्तता मिली है। विभाग भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32, 33 के तहत लकड़ी चोरी व अवैध कटान का प्राथमिकी दर्ज करेगा। ट्रैक्टर को धारा 52 के तहत सीज कर दिया गया है।

इसके साथ ही वन दारोगा सुरेंद्र सिंह से हाथापाई की कोशिश पर सरकारी काम में बाधा व सरकारी संपत्ति चोरी की शिकायत भी पुलिस में दी गई है। वहीं नगर परिषद चेयरमैन नरेश बंसल के बेटे दीपक ने विभाग के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
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अनुभवी लेबर काटे पेड़

डीएफओ ने कहा कि विभाग में कटाई की कोई एप्लीकेशन पेंडिंग नहीं थी। आरोपियों के पास इलेक्ट्रिक आरी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक्सपर्ट लेबर थी जिससे दो-तीन घंटे में ही 18 पेड़ गिरा दिए गए। विभाग अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दोषियों को सजा दिलाएगा।

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विभाग के अधिकारियों को बचा गए डीएफओ

पत्रकारों ने जब विभागीय लापरवाही पर सवाल उठाया तो डीएफओ ने टीम का बचाव करते हुए कहा कि स्टाफ लगातार गश्त करता है और पेड़ इलेक्ट्रिक आरी से दो-तीन घंटे में काटे गए। हालांकि, समाजसेवी नवजोत ढिल्लों की टीम को विभाग को सूचना देनी पड़ी, जिससे गश्त पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता नवजोत ने पीसीसीएफ से दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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अधिकारियों की मिलीभगत से होते हैं ये काम, हमें फंसाया जा रहा है : प्रिंस

इस मामले में प्रिंस चावला ने कहा कि ये वन विभाग के आरएफओ व वन दारोगा की मिलीभगत से काम होते हैं।रेंजर कभी कार्यालय में नही आता। जिसके कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे चैक करवाने चाहिए। वन दारोगा खुद मिलकर ये पेड़ कटवाते हैं, जिला अधिकारी अपने कर्मचारियों को बचाने के चक्कर में उनके झूठे नाम बीच में ला रहे हैं।
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