फतेहाबाद। नगर परिषद की नई एंटी स्मॉग गन के संचालन के लिए दो चालकों को प्रशिक्षण दिया गया। कम्युनिटी सेंटर में वीरवार को आयोजित प्रशिक्षण में पवन और नरेंद्र ने गन के संचालन और पानी की बौछार करने की प्रक्रिया सीखी।
नगर परिषद ने स्मॉग की स्थिति से निपटने के लिए करीब 50 लाख रुपये की लागत से एंटी स्मॉग गन खरीदी है। इसे वैन पर लगाया गया है। वैन में करीब दो टैंकर पानी रखने की क्षमता है। स्मॉग बढ़ने पर प्रशिक्षित चालक गन का संचालन करेंगे।
नगर परिषद की ओर से पहले स्मॉग की स्थिति में दमकल विभाग के माध्यम से पानी का छिड़काव कराया जाता था। अब नई एंटी स्मॉग गन से पानी की बौछार की जाएगी। फतेहाबाद धान बेल्ट में आता है। धान कटाई के दौरान प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है।
अक्तूबर और नवंबर में खेतों में पराली जलाने के मामले बढ़ने से शहर की हवा भी प्रभावित होती है। ऐसे में स्मॉग की स्थिति बनने पर नगर परिषद प्रशिक्षित चालकों की मदद से एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल करेगी।
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ऐसे काम करेगी मशीन
प्रशिक्षण लेने वाले नरेंद्र का कहना है कि सड़क, खुले स्थानों और निर्माण गतिविधियों वाले क्षेत्रों में पानी की महीन फुहार छोड़ी जाएगी। इसका उद्देश्य हवा में मौजूद धूल के कणों को नीचे बैठाना है। एंटी स्मॉग गन को सामान्य पानी के टैंकर से अलग इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें पानी को बेहद महीन बूंदों के रूप में हवा में छोड़ा जाता है।
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जिले में 500 तक पहुंच जाता है एक्यूआई
जिले में धान की कटाई के साथ अक्तूबर-नवंबर के दौरान प्रदूषण का स्तर कई बार गंभीर स्थिति तक पहुंच चुका है। नवंबर 2020 में शहर का एक्यूआई 500 के अधिकतम स्तर तक पहुंच गया था। वहीं नवंबर 2025 में भी फतेहाबाद का एक्यूआई 490 दर्ज किया गया था। हालांकि पहले की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।
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ये रहती है जिले में एक्यूआई की स्थिति
वर्ष मामले एक्यूआई
2022 746 550
2023 550 450
2024 121 480
2025 75 490
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एंटी स्मॉग गन नगर परिषद में पहुंच चुकी है। संबंधित चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्मॉग की स्थिति से निपटने में ये गन बेहतर काम करेगी।
- गोविंद, सचिव, नगर परिषद