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दो दिन बाद खुली ओपीडी, डाक्टर छुट्टी पर, भटकते रहे मरीज

Sat, 27 Dec 2014 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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दो दिन बाद खुली सामान्य अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीज तो थे लेकिन डॉक्टर नहीं थे। मरीज आ रहे थे और अस्पताल प्रशासन को कोसते हुए वापिस लौट रहे थे।
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यहां तक कि स्त्री रोग विभाग में भी कोई चिकित्सक नहीं मिली और डिलीवरी रूम को भी फील्ड से आई डाक्टर संभाल रही थी। अस्पताल एक ओर जहां डाक्टरों की कमी से जूझ रहा है वहीं डॉक्टरों के बार-बार लंबी छुट्टी पर चले जाने से अस्पताल के हालत बिगड़े हुए हैं।

सामान्य अस्पताल के ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर के बाहर बकायदा नोटिस लगा रखे हैं कि डॉक्टर छुट्टी पर है। नोटिस के अनुसार ईएनटी डॉ. रोहित बत्रा को 31 दिसम्बर तक तथा फिजीशियन डॉ. अमित मुंजाल 28 दिसंबर तक छुट्टी पर बताए गए हैं।
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शनिवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव, टी.बी. रोग विशेषज्ञ डॉ. मुनीष टुटेजा की ओपीडी भी बंद मिली। विशेष तौर पर ये ही डॉक्टर ओपीडी चलाते हैं लेकिन यदि ये भी दो दिन की छुट्टी के बाद नहीं लौटेंगे तो ओपीडी तो राम भरोसे है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जच्चा-बच्चा को लेकर आए दिन अभियान चलाए जाते हैं लेकिन जब सामान्य अस्पताल में चिकित्सक ही नहीं होंगे तो उपचार कौन करेगा।

शनिवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ कक्ष के तो ये हालात थे कि महिलाएं पर्चियां कटवा कर आ रही थीं लेकिन गेट पर बैठी अटेंडेंट वापस भेज रही थी।

अटेंडेंट ने कहा कि सुबह के इतने मरीज आ चुके है जिन्हें बाहर से ही वापस भेजा जा रहा है। डॉक्टर मैडम डिलीवरी रूम में आए केसों को देख रही हैं। वहीं डिलीवरी केसों को भी फील्ड से आई डॉक्टर अबरोल संगीता संभाल रही थीं।

सफाई अभियान से जरूरी व्यवस्था
हरियाणा सरकार में अनिल विज के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उनके दौरों से भयभीत अस्पताल प्रशासन सफाई को लेकर विशेष ध्यान दे रहा है लेकिन डॉक्टरों की छुट्टी पर किसी को कंट्रोल नहीं है।

एक साथ कई डॉक्टरों को छुट्टी पर भेजकर ओपीडी को रामभरोसे छोड़ दिया जाता है। शनिवार को दूर-दराज से आए मरीज और तीमारदार डॉक्टर न मिलने पर अस्पताल प्रशासन को कोस रहे थे।
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अग्रवाल कॉलोनी से आई कैलाश रानी ने बताया कि उसने चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाना था लेकिन उसके साथ तीसरी बार ऐसा हुआ है जब डॉक्टर ही नहीं मिला।

गांव अयाल्की से आए बिमला ने बताया कि उसने अपनी पुत्र वधु को महिला डॉक्टर को दिखाना था लेकिन वहां पर उन्हें डॉक्टर ही नहीं मिला।

मजबूरी में देनी पड़ती है छुट्टी
एसएमओ डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि दिसंबर माह में छुट्टियों को लेकर थोड़ी समस्या रहती है और डॉक्टर फैमिली के साथ बाहर चले जाते है। वैसे सभी को एक साथ छुट्टी नहीं दी जाती है।

शनिवार को कुछ डॉक्टर छुट्टी पर थे और कुछ की फील्ड में ड्यूटी थी। वैसे नए डॉक्टरों के ऑर्डर हुए है ज्वॉइन करते ही ये समस्याएं दूर हो जाएगी।
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