फतेहाबाद। डेंगू के केस जिले में बढ़ने शुरू हो गए हैं। वीरवार को जिले में डेंगू के दो नए केस मिले हैं। डेंगू मरीजों का आंकड़ा 12 तक पहुंच गया है। फतेहाबाद के ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी 31 वर्षीय युवती और 32 वर्षीय युवक डेंगू पॉजिटिव मिले हैं। हालांकि दोनों की हालत स्थिर है और घर पर हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक डेंगू को लेकर 287 सैंपल लिए जा चुके हैं। इसमें 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। राहत की बात ये है कि जिले में मिले डेंगू मरीजों में एक सरकारी और 6 निजी अस्पताल में दाखिल हुए हैं। हालांकि अब सभी अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
2075 घरों में मिल चुका है लारवा :
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट मुताबिक जिले में 112868 जगहों का सर्वे हो चुका है। इसमें 2075 जगहों पर लारवा मिल चुका है। 1.88 फीसदी की दर से लारवा मिला है। वीरवार को जिले में 1535 जगहों का सर्वे हुआ है। इसमें पांच जगहों पर लारवा मिला है।
नगर परिषद ने शुरू नहीं की फॉगिंग
स्वास्थ्य विभाग ने शहर में फॉगिंग का जिम्मा नगर परिषद को दे रखा है। लेकिन नगर परिषद की तरफ से शहर में फॉगिंग नहीं हो रही है। जबकि नगर परिषद के पास तीन मशीनें हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू जागरूकता को लेकर भी डोर टू डोर कचरा उठान गाड़ियों में ऑडियो शुरू करने के निर्देश दिए थे जोकि नहीं शुरू हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ये जारी की गई एडवाइजरी
डेंगू से बचाव के लिए ये करें
- सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु और पक्षियों के पानी के बर्तन एक बार अवश्य खाली करें।
- कूलर उपयोग में न आए तो रगड़ कर सुखा कर रख दें।
- छतों पर रखी पानी की टंकियों ढक्कन लगाकर बंद कर दें।
- शरीर को ढककर रखें और मच्छर रोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से उपचार लें।
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ये न करें
- अपने घर व कार्यालय के आसपास पानी जमा न होने दें। पानी से भरें गड्ढों में मिट्टी भर दें।
- घर की छत पर व आसपास टायर, टयूब, खाली डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुले में न फेंके।
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी जमा न होने दें
- यदि कूलर उपयोग में नहीं आ रहा है तो उसमें पानी इकट्ठा होने दें
- खुद दवा न खाएं। एसप्रीन, ब्रूफीन दवाइयों का सेवन न करें।
वर्ष डेंगू मरीज मिले
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 12
डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। डोर टू डोर सर्वे करवाया जा रहा है और जहां भी लारवा मिल रहा है उसे नष्ट किया जा रहा है। लोगों से भी अपील है कि घरों व आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
-डॉ.विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ