फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी काउंटर पर रजिस्ट्रेशन करवाते हुए मरीज
फतेहाबाद। आयुष्मान पात्रों का पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में वीरवार को एक बार फिर से उपचार शुरू हो गया है। मांगों को लेकर निजी अस्पतालों ने सोमवार से उपचार बंद कर रखा था। इसके चलते सबसे ज्यादा आयुष्मान पात्र निजी अस्पतालों में ऑपरेशन करवाने को लेकर परेशान हो रहे थे। सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की सुविधा न होने के चलते पात्रों को पैनल में शामिल निजी अस्पतालों का फायदा हो रहा है।
पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में रोजाना 20 से 25 ऑपरेशन केस होते हैं। हालांकि उपचार बंद करने के दौरान निजी अस्पतालों ने पहले से दाखिल मरीजों और डायलिसिस केसों का उपचार जारी रखा था। जिले में 19 निजी अस्पताल पैनल में शामिल है और 5.14 लाख पात्र योजना में शामिल हो चुके हैं। वहीं वीरवार सुबह हुई बारिश के चलते नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की ओपीडी में मरीजों की संख्या कम रही। एनसीडी क्लीनिक, मनोचिकित्सक, ईएनटी, चर्म रोग विशेषज्ञ में मरीजों की संख्या कम रही। अस्पताल में आमतौर पर मरीजों की संख्या 650 से 700 तक रहती है लेकिन वीरवार को 40 से 45 फीसदी कम रही है।
कोट
आईएमए के आह्वान पर आयुष्मान भारत योजना के पात्रों का पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने उपचार बंद किया था। लेकिन अब आईएमए और विभाग के उच्च अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें जल्द मांगों के समाधान का आश्वासन मिला है इसके चलते जिले में योजना के पात्र मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
-डॉ. पवन मेहता, प्रधान, आईएमए