फतेहाबाद। शहर में सवारी ढोने वाले ई-रिक्शा अब खुलेआम मालवाहक वाहनों की तरह इस्तेमाल किए जा रहे हैं। कहीं ई-रिक्शा में लंबा सरिया लदा नजर आता है तो कहीं पानी के बड़े टैंक और भारी सामान ढोया जा रहा है। वहीं कई चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद यातायात पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नजर नहीं आ रही है।
शहर के बस स्टैंड, लघु सचिवालय मार्ग, हिसार रोड, रतिया रोड, मुख्य बाजार सहित कई व्यस्त क्षेत्रों में नियमों की अनदेखी आम हो गई है। सवारी वाहन होने के बावजूद इनमें निर्माण सामग्री, घरेलू सामान और अन्य भारी वस्तुएं ले जाई जा रही हैं।
कई बार सरिया ई-रिक्शा से कई फीट बाहर निकला रहता है, जिससे पीछे चलने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी तरह अधिक सवारियां बैठाने से भी हादसे की आशंका बढ़ जाती है। यातायात नियमों के अनुसार सवारी वाहनों का इस्तेमाल माल ढुलाई के लिए नहीं किया जा सकता और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना भी नियमों के खिलाफ है।
क्षमता से अधिक सवारियां बैठा रहे चालक
नियमों के विपरीत कई ई-रिक्शा चालक चार की जगह छह से आठ लोगों तक को बैठाकर सफर करा रहे हैं। कई बार छोटे बच्चों को भी आगे और पीछे बैठाया जाता है। अधिक भार होने से वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी रहती है जिससे हादसे का जोखिम बढ़ जाता है। इसके बावजूद अधिकांश मार्गों पर ऐसे वाहन बिना किसी रोक-टोक के चलते दिखाई देते हैं। शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है लेकिन उनकी नियमित जांच और निगरानी पर्याप्त नहीं है। कई चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से वाहन चलाते हैं।
यातायात पुलिस की ओर से ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। जो भी चालक सवारी ढोने वाले वाहन पर सामान लादता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- जय सिंह, प्रभारी यातायात पुलिस फतेहाबाद।