फतेहाबाद। फतेहाबाद में प्रशासन द्वारा रतिया से फतेहाबाद जाने वाले मुख्य मार्ग को गांव अयाल्की के पास बंद कर देने से रतिया व फतेहाबाद के आने जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण यातायात का बोझ लिंक मार्गों पर बढ़ गया है। सुबह व शाम को अक्सर जाम की स्थिति हो जाती है।
फतेहाबाद में प्रशासन ने 14 फरवरी को अयाल्की के रंगोई नाले पर किसानों को रोकने के लिए सीमेंटेड ब्लॉक्स, बड़े-बड़े बैरिकेड्स व कंटीले तार लगाकर इस मार्ग को बंद कर दिया था। तब से यह मार्ग बंद पड़ा है और लोगों रतिया व फतेहाबाद आने जाने के लिए लिंक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। फतेहाबाद से अयाल्की की दूरी मात्र 6 किलोमीटर है, लेकिन लोगों को लिंक मार्ग रजाबाद, धिड़, भिरडाना व बोसवाल होकर अयाल्की पहुंचना पड़ रहा है। जिससे करीब 10 किलोमीटर का अधिक फासला हो गया है। इसके अलावा लोग ढाणी ठोबा होकर अयाल्की गांव से रतिया जा रहे हैं, जिस कारण 6 किलोमीटर का अधिक फासला लेना पड़ रहा है। सरकारी बसों को भी इन्हीं रूटों से रतिया व फतेहाबाद में लाया जा रहा है। इसके अलावा निजी बसें, स्कूली बसें व निजी वाहन भी इन्हीं मार्गों से आ जा रहे हैं। लिंक मार्ग होने के कारण यह सड़कें वन-वे हैं और इन पर यातायात अधिक हो गया है।
कामकाजी लोगों को परेशानी
रतिया के अहरवां के स्कूल में लगे अध्यापक देवेंद्र दहिया, रतिया में जूतों की दुकान करने वाले हरीश नारंग, रतिया में मोबाइल बेचने जाने वाले दिनेश कुमार ने बताया कि सुबह जब वह रतिया जाते हैं तो इस मार्ग पर यातायात अधिक होता है, क्योंकि अधिकतर कामकाजी लोग सुबह ही रतिया जाते हैं। साथ ही रोडवेज व निजी बसें भी इन मार्गों पर होती हैं, वन वे मार्ग होने के कारण जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
कोट
अभी अयाल्की नाके को खोलने के कोई आदेश नहीं आए हैं। रतिया व फतेहाबाद जाने वाले लोगों को लिंक मार्गों से भेजा रहा है। सरकार जो आदेश करेगी उसकी पालन की जाएगाी।
जयपाल सिंह, डीएसपी, फतेहाबाद।