घायलों का इलाज करते हुए डाॅ. नीरज गुप्ता।
टोहाना। बलियाला से आगे पंजाब के गांव हरिगढ़ गेल्या के पास अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर-ट्राॅली भाखड़ा नहर में गिर गई। ट्रैक्टर-ट्राॅली पर मनियाना निवासी 13 महिलाओं सहित सवार 14 लोग सवार थे। घटना की सूचना पाकर पंजाब के मूनक थाने से पुलिस गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंची। गोताखोरों व आमजन की मदद से दस महिलाओं और चालक को बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन महिलाओं की तलाश जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के मनियाना गांव की 13 महिलाएं शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे खोपर गांव से धान की प्योंद लेकर रोपाई के लिए हरिगढ़ गेल्या गांव के लिए चली थीं। बताया जा रहा है कि भाखड़ा नहर पुल के पास पहुंचने पर चालक का पांव ब्रेक पर लगाने के बजाय रेस पर लगने से ट्रैक्टर-ट्राॅली अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इस दौरान चार घायल महिलाओं को मानव सेवा संगम अस्पताल में लाया गया, यहां डाॅ. नीरज गुप्ता ने उनका इलाज किया। अस्पताल में 16 वर्ष की मनप्रीत, 40 वर्ष की संतोष और एक और महिला संतोष को भर्ती किया गया है, जबकि सोनू को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। डॉ. नीरज गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चार महिलाओं को लाया गया था, जिनमें सोनू को मामूली चोट थी, जिसे छुट्टी दे दी गई। वहीं अन्य तीन मरीजों के फेफड़ों में पानी चले जाने से दिक्कत है। उनका इलाज जारी है।
भाखड़ा में गिरी तो ऐसा लगा मौत के गले लग गई, लेकिन परमात्मा ने बचाया
घायल मनियाना निवासी महिला सोनू ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे मनियाना के रहने वाले हैं। खोपर गांव से धान की प्योंद लेकर हरिगढ़ गेल्या गांव में धान लगाने के लिए जा रहे थे। उस ट्रैक्टर में 11 महिलाओं सहित 13 लोग सवार थे। महिला ने बताया कि जब ट्रैक्टर भाखड़ा नहर के पास आया तो अचानक ब्रेक लगाने के बजाय चालक का ट्रैक्टर की रेस पर पांव चला गया, जिससे वे सीधे नहर में चले गए। उसने बताया कि वह नहर में गिरने पर तीन बार ऊपर आई तथा तीन बार नीचे गई। जब वह ऊपर आई तो साथ के लोगों ने रस्सियों की मदद से बाहर निकाला और उसे टोहाना के संगम अस्पताल में लेकर आए। महिला सोनू ने कहा कि नहर में गिरी तो ऐसा लगा मानो मौत को गले लगाकर आए हैं। नहर में गिरते ही एकदम आंखों के आगे अंधेरा आ गया तथा लगा कि अब जीवित नहीं बच पाएगी। परमात्मा ने ही उसे बचाया है।