फतेहाबाद। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिन और बढ़ने से जिले के पांच शहरों में 360 टन कचरा जमा हो गया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने सरकार की ओर से मांगों पर लिखित पत्र जारी नहीं किए जाने के विरोध में हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को भी शहरों में सफाई और डोर-टू-डोर कचरा उठान नहीं हुआ। ऊपर से बारिश ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। शहरों के चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। हड़ताल की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई प्रधान नरेश राणा ने की जबकि मंच संचालन सचिव ओम प्रकाश लोट ने किया।
सभा में इकाई प्रधान नरेश राणा और जिला प्रधान विजय ढाका ने संयुक्त रूप से हड़ताल बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर अब तक कोई लिखित पत्र जारी नहीं किया गया है। इसी के विरोध में 9, 10 और 11 अगस्त को भी सफाई कर्मचारी काम से दूर रहेंगे।
दूसरी तरफ हड़ताल के चलते पांचों शहरों में सफाई व्यवस्था और घर-घर कचरा उठान प्रभावित है। बारिश के बीच सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कचरे से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उनसे उठती बदबू से स्थानीय लोगों को घरों में रहना मुहाल हो गया है।
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बारिश से बढ़ा बीमारियों का खतरा, जनता बेहाल
तीन दिनों से सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण शहर के मुख्य बाजारों, चौराहों और कॉलोनियों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। बारिश के मौसम के कारण कचरे से उठ रही दुर्गंध ने राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही है और उसे आम जनता के स्वास्थ्य व बीमारियों के खतरे की कोई फिक्र नहीं है।
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सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
यूनियन नेताओं ने बताया कि 1 से 14 मई तक चली 14 दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार ने 13 मई को 22 मांगों में से 17 पर सहमति जताई थी लेकिन इसके बाद अमल करने के बजाय केवल टालमटोल किया गया। इसके बाद 29 जुलाई और 5 अगस्त को बातचीत का बुलावा तो आया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसी कारण से 6, 7 और 8 अगस्त की हड़ताल की गई। प्रदेश सरकार के अडि़यल रवैये को देखते हुए अब आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने निर्णय लिया है कि 10 अगस्त को अन्य सभी जनसंगठनों के साथ मिलकर जेल भरो आंदोलन का समर्थन किया जाएगा। इसके अलावा करनाल में बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।