युवा पर्वतारोही रामलाल शर्मा ने यूरोप के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एलब्रुश पर देश का राष्ट्रीय झंडा फहराकर इतिहास रच दिया है। भारतीय समय अनुसार सुबह 10:39 बजे उन्होंने यह कामयाबी हासिल की। इससे पहले रामलाल शर्मा माउंट एवरेस्ट पर भी फतेह हासिल कर चुके हैं। इस सफलता पर इनेलो सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि इस युवा इनेलो कार्यकर्ता ने टोहाना, हरियाणा और भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। इनेलो की सरकार बनते ही उनको पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा और केंद्र सरकार से भी सिफारिश की जाएगी।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा एवं इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता स. निशान सिंह ने कहा कि टोहाना के लिए बड़ी खुशी की बात है कि उनके लाडले ने एलब्रुश शिखर पर तिरंगा फहराया है। इसके साथ ही इनेलो का चुनाव चिह्न भी इस ऊंचे शिखर पर जुझारू कार्यकर्ता की वजह से चमक गया है। इनेलो प्रवक्ता दयानंद चुघ ने कहा कि रामलाल शर्मा जब टोहाना आएंगे तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। जब भी इनेलो की सरकार बनेगी इस युवा कार्यकर्ता को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। इस अवसर पर हरी सिंह डांगरा, जगदीश पाहवा, बनवारी लाल खोबड़ा, अनिल भाटिया, जोनी मेहता, शमशेर सिंह, डॉ. केआर जोशी और बलदेव सैनी सहित सभी ने खुशी मनाई। अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान रामलाल की माता ने कहा कि हमें खुशी है कि रामलाल ने देश का नाम रोशन किया है।
माउंट एलब्रुश
यह शिखर सात महाद्वीपों की चोटियों में से एक है, जो रूस में है। इसकी ऊंचाई 18510 फीट है। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले रामलाल शर्मा तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने 21 मई 2013 को एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। यहां तक पहुंचने में उन्होंने काफी संघर्ष किया। बीएससी पास इस होनहार को एवरेस्ट यात्रा पर आने वाले खर्च 25 लाख रुपये के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई समाजसेवी संस्थाओं ने इसमें मदद की। जब वे एवरेस्ट फतेह करके आए तो सरकार ने उन्हें पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की, लेकिन उसे लेने के लिए भी धक्के खाने पड़े। कर्जा उतारने के लिए रेहड़ी तक लगाई। अब रामलाल शर्मा ने इनेलो का दामन थाम लिया है।