फतेहाबाद। सिरसा और फतेहाबाद जिले में नशे की ओवरडोज से लगातार हो रही मौतों ने प्रदेश पुलिस को झकझोर दिया है। पिछले दो से तीन महीनों में इन दोनों जिलों में दस से अधिक युवकों ने नशे के कारण अपनी जान गंवाई है। इस स्थिति ने प्रदेश पुलिस को पारंपरिक कार्रवाई से आगे बढ़कर नई रणनीति अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने अब फतेहाबाद-सिरसा सहित पूरे हरियाणा में मेडिकल नशे पर फोकस बढ़ाने का निर्देश दिया है। डीजीपी सिंह ने कहा है कि अब पुलिस नशे की ओवरडोज से मरने वाले युवकों के मोबाइल फोन की जांच करेगी। उनकी कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर उस दुकान या कैमिस्ट की पहचान की जाएगी, जहां से मृतक ने नशे का इंजेक्शन या दवा खरीदी थी।
इसके बाद संबंधित मेडिकल स्टोर के रिकॉर्ड और संचालक की जांच की जाएगी। यदि जांच में पाया गया कि वह कैमिस्ट नियमित रूप से नशीले इंजेक्शन या दवाएं बेच रहा था, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले प्रदेश भर में अब कैमिस्ट को थाने और चौकियों में बुलाकर बाकायदा शपथ दिलवाई जा रही है कि वो स्वयं को नशे के कारोबार-दुकान से दूर रखेंगे। संवाद
दो माह में 10 से अधिक युवा नशे से गंवा चुके जान
नशे की बात की जाए तो प्रदेश के वो जिले नशे से सबसे अधिक प्रभावित हैं जो पंजाब के साथ लगते हैं। इनमें फतेहाबाद-सिरसा जिले प्रमुख हैं। इन जिलों के कुछ हिस्से तो ऐसे हैं जो आधे पंजाब में हैं तो आधे हरियाणा में। अकेले इन्हीं दो जिलों में पिछले दो माह में दस से अधिक नौजवानों ने नशे के चलते जान गंवाई है। ऐसे में प्रदेश पुलिस मुखिया को फतेहाबाद-सिरसा सहित पंजाब के साथ लगते जिलों के लिए विशेष प्लानिंग बनाने पर मजबूर कर दिया है। फतेहाबाद जिले में मई से लेकर अबतक पांच मेडिकल स्टोर बंद करवाए गए हैं जो नशे को बढ़ावा दे रहे थे।
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प्रदेशभर में 2.21 लाख नशे की गोलियां, 1.05 लाख कैप्सूल और छह हजार से अधिक नशे के इंजेक्शन जब्त
पुलिस विभाग के आंकड़ों को अनुसार एक जनवरी से 30 अक्तूबर यानि 10 माह में प्रदेशभर में 2 लाख 21 हजार तीन सौ 61 नशे की गोलियां बरामद की गई हैं। इसका आधा हिस्सा प्रदेश के दो जिलों कैथल और करनाल से बरामद हुआ है। कैथल में जहां इस साल 63 हजार से अधिक नशे की गोलियां पुलिस ने पकड़ी हैं तो करनाल में ये आंकड़ा लगभग 49 हजार का है। इसी तरह नशे के कैप्सूलों की सबसे अधिक रिकवरी फरीदाबाद में 24 हजार, करनाल में 18 हजार और नूंह में साढ़े 17 हजार हुई है। प्रदेश में नशे के इंजेक्शनों की सबसे अधिक बरामदगी जींद जिले में हुई है। यहां पुलिस ने 1787 इंजेक्शन बरामद किए हैं। इसी तरह सोनीपत में 1958 और पलवल में 1487 इंजेक्शन बरामद हुए हैं।
मेडिकल हाल संचालकों को दिलवा रही शपथ
फतेहाबाद जिले के पंजाब के साथ लगते जाखल-टोहाना में मेडिकल हाल संचालकों को थाने में बुलाकर शपथ दिलाना शुरू कर दिया है। जाखल पुलिस की ओर से कैमिस्ट की बुलाई गई बैठक को हरियाणा पुलिस के एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया है। इस पर लिखा गया है कि पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के आदेशों के बाद जाखल व फतेहाबाद बस स्टैंड चौकी क्षेत्र के मेडिकल स्टोर संचालकों को बुलाकर शपथ दिलवाई गई है। इस पोस्ट को शेयर करते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने एक्स अकाउंट पर स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस अब इन मामलों में मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ पूरे सबूत एकत्रित कर उन्हें जेल में सालों तक ठूंसे रखने से परहेज नहीं करेगी।
ये शपथ दिला रही पुलिस
मैं, किसी ऐसे व्यक्ति को नशे का इंजेक्शन या दवाई के दुरुपयोग करने का संदेह होगा तो उसे दवा नहीं बेचूंगा। मैं डाक्टर की पर्ची देखकर ही दवा बेचूंगा। मैं अपनी दुकान को नशे के कारोबार से दूर रखूंगा। मैं हमेशा अपना रिकॉर्ड मेनटेन रखूंगा। मैं ओवरडोज से होने वाली मौतों को रोकने और नशामुक्त समाज बनाने में अपना पूरा सहयोग दूंगा। ये मेरा संकल्प है।
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नशे के खिलाफ हरियाणा पुलिस लगातार अभियान चलाए हुए है। मेडिकल नशे के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। नशे की ओवरडोज से अगर कोई युवक जान गंवाता है तो उसके काल रिकॉर्ड आदि की जांच करेंगे। अगर कोई कैमिस्ट इसमें संलिप्त मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये सिलसिला पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
-ओपी सिंह, डीजीपी, हरियाणा।