फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद मृतका के परिजन।
भूना। गांव रायपुर ढाणी में विवाहिता उषा (24) ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई मोनू ने ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग पूरी न होने पर बहन को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने उषा को फंदे से उतारकर सीएचसी भूना पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को नागरिक अस्पताल भेजकर सोमवार को पोस्टमार्टम कराया गया। भूथन खुर्द निवासी मोनू ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन उषा की शादी दो साल पहले रायपुर ढाणी के गुरमीत सिंह से हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। जब मायके की आर्थिक स्थिति का हवाला दिया तो ससुराल पक्ष ने मारपीट शुरू कर दी।
छोटी-छोटी बातों पर तंग किया जाने लगा। कई बार घर से भी निकाल दिया। दो महीने पहले भी झगड़े के बाद उषा को घर से निकाल दिया गया था। वह मायके आ गई थी। जनवरी 2024 में ससुर गुरदित सिंह की मौत के बाद पंचायत ने भरोसा दिया कि अब उसे कोई तंग नहीं करेगा। इस पर वह ससुराल लौट गई। मोनू ने बताया कि दो मार्च को वह पारता गांव में मजदूरी कर रहा था। तभी सूचना मिली कि उषा ने फंदा लगा लिया। वह तुरंत रायपुर ढाणी पहुंचा।
उसका आरोप है कि पति गुरमीत सिंह, जेठ अंग्रेज सिंह, लखविंदर सिंह, ननद अमरदीप कौर और सास मिंदो बाई ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उषा को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। इसी कारण उसने चुन्नी से फंदा लगाकर जान दे दी। थाना प्रभारी ने प्रदीप कुमार ने बताया कि रायपुर ढाणी गांव में 24 वर्षीय विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई के बयान पर पति, दो जेठ, ननद और सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।