रतिया। सदर पुलिस द्वारा घर पर नजरबंद किए गए किसान नेता परविंदर अलीका। स्रोत: स्वयं
रतिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने शुक्रवार को तीन नेताओं को हिरासत में लिया है। इनमें किसान नेता कामरेड परविंदर अलीका, हरविंदर अलीकां और छात्र नेता रवि रतिया शामिल हैं। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई जानी है।
सदर थाना प्रभारी शीशपाल ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर कार्रवाई की गई है। परविंदर अलीकां ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर रद्द करने और जिन राज्यों में इसके बाद चुनाव हुए हैं वहां चुनाव रद्द करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने गांव अलीकां में परविंदर और हरविंदर को उनके घर पर नजरबंद किया है। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, दोपहर बाद छात्र नेता रवि रतिया को शहर थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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गांव भीमेवाला का सामाजिक कार्यकर्ता दिल्ली मे डिटेन
समैन। गांव भीमेवाला के सामाजिक कार्यकर्ता बलवान सिंह नैन को दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे से डिटेन कर लिया गया। बलवान सिंह ने स्वयं इसकी जानकारी देते हुए बताया कि टोहाना सदर थाने की पुलिस उन्हें शाम 4:45 बजे अपने साथ ले गई और डिटेन सेंटर पहुंचाया।
बलवान सिंह दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को सीजेपी पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनका पीछा करते हुए वहां पहुंची और उन्हें पकड़कर डिटेन सेंटर ले गई। वहीं टोहाना सदर थाना प्रभारी साधु राम ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।