आरोपियों को शुक्रवार आधी रात उस समय पकड़ा गया जब वह मालगाड़ी से चोरी किए गए गेहूं को एक कार में लाद कर ले जा रहे थे। रास्ते में पुलिस की उन पर नजर पड़ी तो आरोपी शिकंजे में फंस गए।
पकड़े गए तीनों युवकों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस थाना प्रभारी रघुबीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह तथा हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार गांव कासिमपुर रोड़ पर गश्त पर थे।
इसी दौरान वहां से एक कार काफी तेज गति से आती हुई दिखाई दी। उन्होंने बताया कि कार को रुकने का इशारा किया तो उसे ओर तेज रफ्तार से भगा लिया।
कार का पीछा कर उसे आगे जाकर पकड़ लिया। तलाशी ली तो उसमें भारत सरकार लिखी अनाज की बोरियां भरी हुई पाई। अंदर तीन युवक बैठे थे।
पुलिस ने तुरंत कार व युवकों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पकड़े गए युवक जाखल गांव की गुरुद्वारा बस्ती निवासी प्रदीप, लखन व हिसार के शांति नगर निवासी अरूण ने बताया कि उक्त सरकारी गेहूं को मालगाड़ियों से चोरी किया गया है।
उक्त लोगों ने पुलिस को बताया कि वह गाड़ी के जाखल से चलने के समय डिब्बे पर लगी सील को तोड़कर उसके अंदर सवार हो जाते। जबकि दूसरे साथी कार इत्यादि लेकर आगे पहुंच जाते थे।
गाड़ी के जाखल स्टेशन पार करने के बाद एक सुनसान जगह पर ट्रेन का वैक्युम प्रेशर खोलकर गाड़ी को रोक लिया जाता व अनाज की बोरियों को नीचे फेंक कर चोरी कर लिया जाता।
जब तक ट्रेन का ड्राइवर व गार्ड घटना को समझते तब तक चोरी किए गए माल को वह लेकर फरार हो जाते।
थाना प्रभारी रघुबीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से सरकारी गेहूं के आठ बोरियों में 4 क्विंटल गेहूं सहित कार को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।