दस नवंबर को अमृतसर-तरनतारण रोड पर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हरियाणा से 21 हजार से ज्यादा सिख संगतें जाएंगी। यह बात हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश झींडा ने रतिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।
झींडा ने कहा कि बेअदबी और पंजाब पुलिस कार्रवाई में दो सिखों की शहादत के लेकर दस नवंबर को अमृतसर-तरणतारण रोड पर सम्मेलन सरबत दा खालसा करवाया जा रहा है।
जिसमें लाखों की संख्या में देश-विदेश की सिख संगतें भाग लेंगी। जिसमें हरियाणा से भी 21 हजार से ज्यादा सिख संगतों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
झींडा ने आरोप लगाया कि पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल इस सम्मेलन को फेल करने पर तुले हैं। इसके लिए बादल द्वारा उनको धमकियां भी दिलवाई जा रही है लेकिन वे डरते नहीं हैं।
अब बादल परिवार के पापों का घड़ा भर चुका है। सिख संगठनों द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जिसमें किसी भी धर्म के धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी मामले में 302 के तहत मामला दर्ज करने व कार्रवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अपील की जाएगी ताकि देश में अराजकता न फैले और शरारती तत्व ऐसी हरकत दोबारा न कर पाए।
इस अवसर पर उनके साथ बलदेव महमदकी, रूप सिंह कमाना, भोला कमाना, संजीव आरोड़ा, देवेंद्र कमाना, रूप सिंह खोखर सहित कई सिख कार्यकर्ता मौजूद थे।