फतेहाबाद। भारतीय संसद बोलेगी खालिस्तान जिंदाबाद। दोपहर 2.11 बजे जिला कोर्ट, 3.11 बजे डीसी ऑफिस, 1.11 बजे स्कूल और शाम 4.11 बजे भारत की संसद को बम से उड़ा दिया जाएगा। शुक्रवार सुबह 9.33 बजे यह धमकी भरा ई-मेल आते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
इसके बाद न्यायिक परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और हिसार से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्कवायड को मौके पर बुलाया गया। टीम ने करीब दो घंटे तक न्यायिक परिसर के साथ-साथ लघु सचिवालय भवन में सघन जांच अभियान चलाया। दोनों टीमों को तलाशी के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एहतियात के तौर पर परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। दोपहर करीब एक बजे तक केवल सुरक्षा एजेंसियों और अधिकृत अधिकारियों को ही परिसर में आने-जाने की अनुमति रही। इस दौरान न्यायालय में आने वाले पक्षकारों और अन्य लोगों को बाहर ही रोक दिया गया जिससे कुछ समय के लिए न्यायिक परिसर में होने वाला कार्य भी प्रभावित हुआ।
हिसार से पहुंची बम निरोधक दस्ता
सूचना मिलते ही हिसार से बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा विशेषज्ञ फतेहाबाद पहुंचे। टीम ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से न्यायिक परिसर के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। इसके बाद लघु सचिवालय भवन का भी निरीक्षण किया गया ताकि किसी भी प्रकार के खतरे की पूरी तरह पुष्टि की जा सके। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने बताया कि किसी भी स्थान पर विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान परिसर के आसपास कड़ी निगरानी रखी। पुलिसकर्मियों ने आने-जाने वाले लोगों पर नजर बनाए रखी और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की। जांच पूरी होने के बाद न्यायिक परिसर में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे बहाल कर दी गईं।
पहले दो बार लघु सचिवालय को मिल चुकी है धमकी
यह पहली बार नहीं है जब फतेहाबाद में सरकारी संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। इससे पहले 21 मई 2025 और 16 जनवरी 2026 को भी लघु सचिवालय को बम से उड़ाने की इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। उन दोनों मामलों में भी पुलिस, बम निरोधक टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच की थी लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई के बाद हर व्यक्ति की गई जांच
न्यायिक परिसर में बम निरोधक दस्ते की जांच के बाद न्यायिक परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से अधिवक्ताओं को छोड़कर हर व्यक्ति की जांच करके ही उसे अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों की संख्या को भी बढ़ाया गया था।
ये लिखा है ई-मेल में
ई-मेल में लिखा है कि सीजेपी स्टूडेंट के खिलाफ एफआईआर करो या भारतीय संसद विच 5 अगस्त तक बम धमाके ही धमाके। ई-मेल में यह भी लिखा है कि वंदे मातरम स्कूला विच बोलना बंद करो नहीं तै 15 अगस्त तक स्कूला विच बम धमाके ही धमाके। ई-मेल मिलदे ही मीडिया, टीवी चैनल, जर्नलिस्ट नू कॉल करकै बुलाओ। ई-तुहाड़ी जिम्मेदारी है।
शुक्रवार सुबह 9 बजकर 33 मिनट पर जिला न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल पर बम की धमकी भरी ई-मेल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल न्यायालय परिसर को खाली कराकर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की सहायता से पूरे परिसर की तलाशी कराई। इस दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तथा स्थिति पूर्णत सुरक्षित पाई गई। धमकी भरी ई-मेल के स्रोत एवं आईपी एड्रेस का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है। तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- निकिता खट्टर, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद।
फतेहाबाद। सूचना मिलने के बाद बंद किए गया न्यायिक परिसर का गेट। संवाद
फतेहाबाद। सूचना मिलने के बाद बंद किए गया न्यायिक परिसर का गेट। संवाद