फतेहाबाद। इस बार जिले में धान की खरीद में देरी होने के कारण मंडियों में खरीद और उठान की स्थिति में अभी तक सुधार नहीं हो सका है। मंडियां धान की फसल से पूरी तरह अट चुकी हैं। किसानों और आढ़तियों को मंडियों में फसल रखने की जगह नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में फतेहाबाद की नई अनाज मंडी के बाहर हजारों धान के बैग रखे हुए हैं। जिनका उठान पिछले कई दिनों से नहीं हो सका है। जिले में अभी भी 38 फीसदी उठान बाकी है।
बुधवार को नई अनाज मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचे किसान देवेंद्र, अमर सिंह, पाला राम, श्रीचंद, मनफूल सिंह और ओमप्रकाश आदि ने बताया कि ठंड की शुरुआत होने के साथ ही अब ओस गिरनी शुरू हो गई है। इससे धान की फसल में नमी की मात्रा बढ़ रही हैं। किसान मंडियों में धान की फसल को नहीं बेच पा रहे हैं और व्यापारी किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए फसल को एमएसपी से सस्ते भाव में खरीद रहे हैं।
273703 मीट्रिक टन धान की हो चुकी खरीद
जिले में अभी तक कुल धान की खरीद 273703 मीट्रिक टन हुई है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 3468 किसानों की 60933 मीट्रिक टन, हैफेड ने 6824 किसानों की 88557 मीट्रिक टन तथा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने 7940 किसानों की 124213 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। जिले में कुल धान की फसल कुल उठान 169832 मीट्रिक टन किया गया है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 4188 मीट्रिक टन, हैफेड ने 56727 मीट्रिक टन तथा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने 7217 मीट्रिक टन धान का उठान किया है। अभी तक किसानों को धान की फसल बेचने पर 363.94 करोड़ रुपये राशि का भुगतान किया जा चुका है।
खरीद एजेंसियों को तेजी लानी चाहिए : प्रधान
वहीं, अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू ने कहा कि खरीद एजेंसियों की ओर से धान की फसल के उठान में तेजी नहीं लाई जा रही है। इस कारण मंडियों में धान की फसल रखने में दिक्कत आ रही है। खरीद एजेंसियों को उठान में तेजी लानी चाहिए ताकि किसानाें व आढ़तियों को अनाज खरीद और उठान को लेकर किसी भी प्रकार की कोई परेशानी का सामना ना करने पड़े।
मैं बुधवार सुबह फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में धान की फसल लेकर पहुंचा हूं। मेरी धान की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण फसल की खरीद नहीं हो सकी है। अगर सस्ते दाम में बेचनी हो, तो तुरंत बिक जाएगी।
- दीपक कुमार, किसान, गांव भट्टू कलां।
मैं अपनी धान की फसल को पूरी तरह से सुखाकर ही मंडी में लेकर आया था। मगर ठंड के कारण फसल में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे मैं अपनी धान की फसल को नहीं बेच सका हूं। ऐसे में मुझे फसल के सूखने का इंतजार करना पड़ेगा।
- मनदीप कुमार, किसान, गांव पीलीमंदोरी।
मैं सुबह से फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी के बाहर अपने ट्रैक्टर ट्रॉली लिए खड़ा रहा। मंडी में फसल का उठान धीमा होने के कारण मुझे मंडी में धान की फसल रखने के लिए जगह नहीं मिल सकी है। सरकार को उठान के कार्य में तेजी लानी चाहिए।
- अमर सिंह, किसान, गांव दरियापुर।
धान की फसल का उठान साथ-साथ किया जा रहा है। जिले की सभी अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों से 62 फीसदी धान का उठान कर लिया गया है। अब जिले में हर रोज 24000 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया जा रहा है।
- यशपाल मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी फतेहाबाद।