फतेहाबाद। शहर में लगी स्ट्रीट लाइटों का 22 दिनों से कोई रखवाला नहीं है। नगर परिषद अधिकारी स्ट्रीट लाइट मरम्मत का टेंडर नहीं लगा पाए है जबकि दो माह पहले एजेंसी का ठेका खत्म हो गया था। ठेका खत्म होने के 15 दिन बाद एक माह के लिए बढ़वा लिया गया लेकिन बावजूद इसके नया टेंडर नहीं लगाया गया।
अब हालात ये हैं कि बढ़वाए गए ठेके को खत्म हुए भी 22 दिन गुजर चुके हैं लेकिन अफसरों ने इस तरफ संज्ञान नहीं लिया है। बताया जा रहा है कि प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची भी जिला नगर आयुक्त के पास एक माह के लिए और बढ़ाने का प्रस्ताव भेज चुके हैं लेकिन अनुमति नहीं मिली है। हालांकि उपप्रधान सविता टुटेजा का कहना है कि दो से तीन दिन में नए टेंडर को लेकर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नगर परिषद की शहर में करीब 4500 स्ट्रीट लाइटें पहले लगी हुई थी और एक हजार लाइटें अभी हाल ही में लगवाई गई हैं। इनकी मरम्मत का ठेका नगर परिषद हर साल निजी एजेंसी को देता है। निजी एजेंसी के कर्मचारी स्ट्रीट लाइट मरम्मत करते हैं।
मरम्मत और सामान के बीच उलझा टेंडर
स्ट्रीट लाइट मरम्मत का ठेका 15 जनवरी को खत्म हो गया था। नगर परिषद अधिकारियों ने इस बार फैसला लिया था कि स्ट्रीट लाइट मरम्मत और सामान खरीद का ठेका एक ही एजेंसी को दिया जाएगा। यानि मरम्मत करने वाली एजेंसी का ही सामान होगा। प्रस्ताव अनुमति के लिए डीएमसी के पास गया था लेकिन अनुमति नहीं मिली थी।
वार्डों के साथ-साथ मुख्य रोड पर छाया अंधेरा
स्ट्रीट लाइट खराब को लेकर नगर परिषद में रोजाना 20 से 25 शिकायतें आ रही हैं। वार्डों के अलावा शहर के मुख्य रोड पर भी लाइटें खराब हो चुकी है। शहर के भट्टू रोड, रतिया रोड, भूना रोड, बीघड़ रोड पर कई लाइटें खराब पड़ी है। शिकायत शाखा के अधिकारियों के मुताबिक वार्डों से सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही है लेकिन उनके पास कर्मचारी न होने के कारण ठीक नहीं करवा पा रहे हैं।
कोट
अनुमति के लिए डीएमसी को लिखा है
स्ट्रीट लाइट मरम्मत का ठेका आगे बढ़वाने के लिए डीएमसी को लिखा गया था। नए टेंडर को लेकर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। अनुमति के बाद लगा दिया जाएगा।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद
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स्ट्रीट लाइट मरम्मत का टेंडर दो से तीन दिन में लगा दिया जाएगा। अगर कहीं स्ट्रीट लाइट खराब है तो उसे ठीक करवाया जा रहा है।
- सविता टुटेजा, उपप्रधान नगर परिषद
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नए टेंडर को लेकर प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही टेंडर लगा दिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद