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गिल्लाखेड़ा की महिलाएं करेंगी अमरूद का पल्प तैयार

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फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण लेती समूह की महिलाएं। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। गांव गिल्लाखेड़ा में महिलाओं का समूह फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी में हैं। 14 महिलाओं के समूह ने अमरूद के पल्प तैयार करने का प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ज्योति यादव के निर्देशन में इन महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया है। गांव की 14 महिलाओं का समूह बनाया गया है, जिसका नाम स्वाशक्ति रखा गया। निफ्टम संस्थान के साथ मिलकर इन महिलाओं को फल परीरक्षण की सात दिन की ट्रेनिंग दिलवाई गई। ट्रेनिंग में समूह में शामिल महिलाओं ने कैचअप, अमरूद का जूस, पल्प, जैम, जेली, किन्नू का स्क्वैश बनाना सीखा।
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छोटी यूनिट लगाकर आसपास की फैक्टरी में बेचेंगी पल्प
स्वाशक्ति एग्रो ग्रुप की महिलाएं अपने रोजगार को स्थापित करने के लिए स्मॉल स्केल यूनिट लगा रही हैं। इसमें वे पहले पड़ाव में अमरूद का पल्प तैयार करके आसपास की जूस फैक्टरियों में बेचेंगी। इसके लिए उनको जिला प्रशासन, एचएसआरएलएम और जिला उद्योग केंद्र की ओर से सहयोग किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे काम को बड़े स्तर पर बढ़ाया जाएगा।
सात साल से सपना था कि गांव में ही रोजगार शुरू हों
गिल्लाखेड़ा निवासी अंजू देवी इस स्वयं सहायता समूह की प्रधान हैं। वह कहती हैं कि उनका सात साल से सपना था कि गिल्लाखेड़ा में रोजगार शुरू हो, लेकिन हर बार चुनौतियां इतनी बड़ी रही कि हम सभी महिलाएं काम शुरू नहीं कर सकीं। हम भी काम करने की इच्छा रखते हैं। बाहर निकलना चाहते हैं। समूह में संजू, कमलेश, जरीना, बिमला, स्वर्ण कौर, मंजू, रूबी, नीलम, बिरखा, रेखा, नूरजहां, सिलोचना व मंजीत कौर आदि महिलाएं शामिल हैं।
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इस तरह के प्रोजेक्ट्स के मदद से हम न सिर्फ ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधार पाएंगे, बल्कि उनकी सामाजिक स्थिति, आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता को भी सशक्त करेंगे। ऐसा प्रोजेक्ट फतेहबाद में पहली बार लगाया जा रहा हैं, जिससे जूस फैक्टरी को लोकल स्तर पर पल्प मिल पाएगा और बागों में फलों का वेस्टेज कम होगा।
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-ज्योति यादव, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी
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