पथराव के कारण क्षतिग्रस्त बस का टूटा शीशा।
भूना। नूंह में ब्रजमंडल यात्रा में शामिल हुए भूना के श्रद्धालुओं की बस पर उपद्रवियों ने ईंट पत्थरों से हमला कर दिया था। बस चालक की सूझबूझ के चलते कोई बड़ी जान-माल की हानि नहीं हुई। पथराव के दौरान बस के शीशे टूटने से दो लोगों को हल्की चोट आई हैं। जिनमें एक घायल महेश हंस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में उपचार करवाया जबकि दूसरे ढाणी भोजराज निवासी अमित कुमार ने निजी अस्पताल में उंगलियों के जख्मों पर मरहम-पट्टी करवाई। हालांकि, बस में भूना व आसपास के गांवों से लगभग 45 श्रद्धालु ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने गए थे।घायल महेश हंस ने बताया कि भूना से श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे रतिया की प्राइवेट बस में सवार होकर नूंह के लिए रवाना हुआ था और करीब 11 बजे ब्रजमंडल यात्रा स्थल पर पहुंचे थे। मगर यात्रा करीब एक बजे आरंभ हुई तो उनकी बस पीछे थी। जब यात्रा पर उपद्रवियों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए और हिंसा भड़कने की सूचना मिली तो उन्होंने वहां से सुरक्षित निकलने के लिए दूसरे रूट पर बस मोड़ दी। हंस ने बताया कि जिस सड़क पर हमारी बस जा रही थी, उसी सड़क पर आगे बड़ी संख्या में लोग हाथों में पत्थर लिए हुए खड़े थे। जिन्होंने बस पर अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। इससे बस के शीशे टूट गए। सभी श्रद्धालु अपने बचाव के लिए सीटों के साथ नीचे झुक गए। बस के शीशे टूट कर कई श्रद्धालुओं को लग गए, जिससे उन्हें मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि बस चालक सूझबूझ व साहस दिखाते हुए बस को रोकने के बजाय तेज गति से चलाकर वहां से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना उन्होंने डायल 112 हेल्पलाइन नंबर पर भी दी। मगर हालात गंभीर होने के चलते उन्हें किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली। सोमवार देर रात को वे भूना पहुंचे और सीएचसी केंद्र में इलाज करवाया।
पथराव से बस हुई क्षतिग्रस्त, उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
महेश हंस व अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रम में उपद्रवियों द्वारा खेले गए खूनी संघर्ष के नंगे नाच से हर कोई सन्न है। हैवानियत की सारी सीमाएं लांघी गईं। मौत का मंजर उन्होंने बिल्कुल नजदीक से देखा है। उन्होंने बताया कि बस में तोड़फोड़ करके क्षति पहुंचाने और श्रद्धालुओं पर हमला करने के बारे में ऑनलाइन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। सरकार व पुलिस प्रशासन को उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।