जाखल। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के चलते बंद मुख्य मार्ग अब तक नहीं खुलने से किसानों की परेशानी बनी हुई है। तलवाड़ा की ओर बनाए जा रहे अस्थायी रास्ते को चालू करने के लिए दिया गया 20 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम भी बीत चुका है।
अब बुधवार को उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के जाखल दौरे पर किसानों की निगाहें टिकी हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के बाद भी रास्ता चालू करने का ठोस समाधान नहीं निकला तो वे आंदोलन की अगली रणनीति घोषित करेंगे।
उपायुक्त बुधवार दोपहर करीब 12 बजे जाखल पहुंचेंगे। इस दौरान वह अनाजमंडी और तलवाड़ा की तरफ तैयार किए जा रहे अस्थायी रेलवे फाटक व मार्ग का निरीक्षण करेंगे। धान खरीद के पीक सीजन में इस दौरे को अहम माना जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की पहल से रास्ते की समस्या का समाधान निकलेगा और मंडी तक फसल पहुंचाने में हो रही परेशानी दूर होगी।
किसान नेता लाभ सिंह सहित बलकार सिंह, नसीब सिंह, हरविंदर सिंह, कांत जैन, राशविंदर सिंह और उत्तम सिंह ने कहा कि प्रशासन को कई बार समय दिया जा चुका है। अब किसान और इंतजार करने के पक्ष में नहीं हैं।
उपायुक्त के सामने रास्ते को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ तो पुल कमेटी और किसान संगठन मिलकर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे। किसानों ने कहा कि रास्ता नहीं खुलने से पैदा होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी रेलवे की होगी।
एसडीएम के समक्ष भी उठाया था मामला
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रधान लाभ सिंह और कमेटी के सदस्यों के अनुसार रास्ते की समस्या के बारे में टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा के समक्ष भी मामला उठाया गया था। उस समय प्रशासन को 20 अक्तूबर तक समस्या का समाधान करने का समय दिया गया था। किसानों का कहना है कि पर्याप्त समय मिलने के बावजूद रास्ते पर आवागमन शुरू नहीं हो पाया है।
लंबा चक्कर लगाने से बढ़ रहा खर्च
रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के कारण मुख्य रास्ता बंद होने से आसपास के गांवों के किसानों को वैकल्पिक मार्गों से लंबा चक्कर लगाकर जाखल अनाजमंडी पहुंचना पड़ रहा है। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का ईंधन खर्च बढ़ रहा है और समय भी अधिक लग रहा है। धान के सीजन में किसानों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
फोटो कैप्शन :- जाखल रेलवे अस्थायी फाटक का काम जो रेलवे द्वारा किया जा रहा