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कोरोना से बीघड़ के एक ही परिवार में तीसरी मौत

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जिले में अब कोरोना महामारी बेहद भयावह रूप ले चुकी है। दिन प्रतिदिन मौत का आंकड़ा बढ़ा जा रहा है। शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव बीघड़ से डरावनी खबर आई है। वहां पर एक ही परिवार में पांच दिन में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पहले दंपती की मौत हुई। सोमवार को 33 वर्षीय बेटे की भी मौत हो गई। बीघड़ निवासी श्रवण भाटिया की पत्नी की मौत बीते वीरवार को हुई थी। जांच में पता चला कि उसे कोरोना था। इसके बाद श्रवण की भी हालत बिगड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। शनिवार को उसकी भी मौत हो गई।
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यह वही मामला है, जिसमें अस्पताल प्रशासन ने शव ही बदल दिया था। श्रवण भाटिया का शव अस्पताल के कर्मचारियों ने कीर्ति नगर के एक परिवार को दे दिया था। उनके परिवार के एक सदस्य की भी उसी दिन मौत हुई थी। श्रवण भाटिया की मौत के दौरान उसका बेटा अमन भाटिया भी कोरोना से संक्रमित था। अब वह दो दिन से खुद खा पी भी नहीं रहा था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। सोमवार को उसने भी दम तोड़ दिया। बताया गया है कि अमन का भाई भी कोरोना से संक्रमित है।
सोमवार को 11 लोगों की मौत, 251 नए संक्रमित मिले
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार को जिले भर में 251 नए कोरोना मरीज मिले हैं। उनमें से 11 लोगों की मौत हो गई। कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है और गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे पहले रविवार को 13 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई थी। पिछले तीन दिन में 30 मौतें हो चुकी है। कुल मौत का आंकड़ा 238 तक पहुंच गया है। अप्रैल में 85 मौतें हुई हैं।
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युवा भी तोड़ रहे दम
पहले यह कहा जा रहा था कि कोरोना से सिर्फ बुजुर्ग व गंभीर रूप से बीमार लोगों की मौत होती है। स्वस्थ व जवान लोगों की तबीयत तो बिगड़ती है, लेकिन जान जाने की संभावना कम होती है। मगर अब हर रोज मिल रहे केसों और मरने वालों की उम्र से पता चलता है कि यह संक्रमण युवाओं के लिए भी उतना ही खतरनाक है, जितना बुजुर्गों के लिए है।
कोविड अस्पतालों में बेड कितने खाली
बिना ऑक्सीजन बेड : 28 में से 19
आईसीयू से बाहर ऑक्सीजन बेड : 154 में से 51
आईसीयू में ऑक्सीजन बेड : 15 में कोई नहीं
वेंटिलेटर युक्त बेड : 26 में से 6
कोट
अब कोरोना महामारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। न ही इससे घबराना चाहिए। सिर्फ सतर्क व जागरूक रहने की जरुरत है। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। लोगों को चाहिए कि अगर कोई लक्षण दिख रहे हैं तो खुद को आइसोलेट कर लें और जांच करवाएं। राहत की बात है कि 95 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी।
रतिया में कोरोना से दो लोगों की मौत
रतिया। शहर एक निजी अस्पताल में कोविड वार्ड में उपचाराधीन 65 वर्षीय एक वृद्धा की मौत हो गई है। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में उपचाराधीन 58 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इंस्पेक्टर राजेश श्योकंद ने जानकारी देते हुए कहा कि रतिया क्षेत्र के गांव घासवां की एक वृद्धा पिछले कई दिनों से सांस में दिक्कत के कारण निजी अस्पताल में दाखिल थी। वहीं दूसरा मृतक सिरसा के गांव बागवाला का था।
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