लावारिस पशुओं से पॉश एरिया माने जाने वाले सेक्टरों की गलियां भी महफूज नहीं हैं। गलियों में मंडराते लावारिस पशु न केवल सेक्टरवासियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं बल्कि बच्चों की गलियों में खेलने की आजादी भी छीन रहे हैं। आलम यह है कि अकेले बच्चों को घरों से बाहर निकालने में भी सेक्टरवासी डरते हैं। रात के समय में तो ये लावारिस पशु सीधे मौत बनकर सामने आते हैं। अमर उजाला टीम ने लाइव रिपोर्ट में जाना कि सेक्टरों में किस तरह लावारिस पशु जमावड़ा लगाए हुए हैं।
दरअसल, शहर को काफी प्रयासों के बाद साल 2017 में लावारिस पशुओं से मुक्त किया गया था। लावारिस पशुओं की देखरेख के लिए बीघड़ रोड पर नंदीशाला चल रही है। इसके अलावा सिरसा रोड पर गोशाला भी बनी हुई है। करीब तीन साल से लावारिस पशु सड़कों पर नहीं दिख रहे थे। मगर अब यह समस्या दोबारा नजर आने लगी है। शहर में लावारिस पशु फिर से घूमने लगे हैं।
सुबह 10.20 बजे
सेक्टर स्थित बुस्टिंग स्टेशन के नजदीक
सेक्टर 3 की बुस्टिंग स्टेशन वाली गली में तो पशुओं का झुंड नजर आया। 8 से 10 सांड़ सड़कों पर घूम रहे थे। इनमें से कुछ घरों के बाहर लगे पौधों को खा रहे थे तो कुछ तेजी से गली में दौड़ रहे थे। यहां सेक्टरवासियों ने बताया कि इन लावारिस पशुओं के कारण कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं। रात को सेक्टर की सड़कों पर अक्सर काले रंगे के सांड़ दिखाई नहीं देते। उसी के चलते हादसे भी हो जाते हैं।
सुबह 10.30 बजे
पुलिस चौकी वाली गली के पीछे
ऐसा ही हाल पुलिस चौकी वाली गली के पीछे दिखा। यहां भी लावारिस पशु नजर आए। सेक्टरवासियों का कहना था कि कई दफा यही पशु हिंसक भी हो जाते हैं और एक दूसरे पर हमला कर देते हैं। इनकी आपसी लड़ाई के बीच घरों के बाहर खड़ी गाड़ियां तक टूट जाती हैं। इतना ही नहीं, राहगीरों परा भी हमला कर देते हैं। इसलिए सेक्टरवासी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
सुबह 11.20 बजे
सेक्टर 3 मेन रोड
शहर के सेक्टर तीन में लावारिस पशुओं की समस्या गंभीर बनी हुई है। सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर जब सेक्टर की मेन रोड से संवाददाता ने सेक्टर में प्रवेश किया तो वहीं लावारिस सांड़ नजर आया। कभी घरों की तरफ जा रहे तो कभी गली में सीधे गुजर रहे इस सांड़ की दहशत ऐसी थी कि दूर से ही लोग घर में घुसे जा रहे थे। खासकर, महिलाएं तो सांड़ को देखते ही मेनगेट के दरवाजे बंद कर रही थीं।
क्या कहते हैं सेक्टरवासी
नंदीशाला होने के बावजूद सेक्टर में लावारिस पशु घूम रहे हैं। यह चिंता का विषय है, क्योंकि इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। इनको पकड़ कर नंदीशाला में भेजा जाए।
- विनोद गगनेजा, सेक्टरवासी।
प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से काफी मुश्किल से समस्या का निवारण किया था। इसलिए इस समस्या पर काबू पाया जाना जरूरी है। अन्यथा सड़कों पर पशुओं की संख्या बढ़ती जाएगी।
- नरेंद्र खरब, सेक्टरवासी।
सेक्टर तीन शहर के बाहरी छोर पर है। इसके एक तरफ गांव धांगड़ है और दूसरी तरफ बरसीन गांव नजदीक है। इसलिए अक्सर यहां पर ग्रामीण इलाकों से लोग पशुओं को छोड़ जाते हैं।
- संजय तनेजा, सेक्टरवासी।
कोट
लावारिस पशुओं की समस्या अब ज्यादा नजर आने लगी है। इसको लेकर जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक करके उचित कदम उठाए जाएंगे। सेक्टरों सहित पूरे शहर में पशु पकड़ने का अभियान चलवाएंगे।
- दर्शन नागपाल, प्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद।
समय 10.20 बजे, सेक्टर तीन के एक पेड़ के नीचे खड़े लावारिस पशु।- फोटो : Fatehabad