मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे आई तेज आंधी ने जिले में जमकर तबाही मचाई। यह इस साल की सबसे तेज आंधी थी, जिसने वन विभाग और बिजली निगम को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। शहरी क्षेत्र में जगह-जगह दुकानों के होर्डिंग गिर गए। जिले में देर शाम तक बिजली के 220 पोल व 600 पेड़ टूटने का आंकलन किया। 23 ट्रांसफार्मर हुए खराब हैं। गांव ठुईयां में पेड़ के नीचे दबने से एक भैंस मर गई। पुलिस लाइन सहित कई जगहों पर वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। हिसार रोड स्थित बिजली घर को आने वाली लाइन पर पेड़ गिरने और भट्टू रोड पर पोल डैमेज होने से चार घंटे से भी अधिक समय तक शहर की बिजली सप्लाई बाधित रही।
दरअसल, मंगलवार सुबह से दोपहर तक धूप निकली रही। काफी उमस भी थी। दोपहर करीब 2 बजे दक्षिण-पश्चिम दिशा से काली घटा उठी। इसके बाद तेज आंधी आई। आंधी के साथ ही बूंदाबांदी शुरू हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि स्ट्रीट लाइट के पोल तक हिलने लगे। दुकानों के बाहर लगे होर्डिंग व साइन बोर्ड उखड़कर दूर जा गिरे। करीब 3 बजे तक खूब तेज आंधी चली। धीरे-धीरे आंधी कम हो गई और झमाझम बारिश होती रही। करीब चार बजे तक बारिश हुई। फिर बादलवाही का मौसम बना रहा।
मौसम परिवर्तन के चलते उमस से राहत मिली है। इससे पहले रविवार सुबह बारिश हुई थी जिसके बाद से उमस बढ़ी हुई थी। मंगलवार दोपहर तक काफी उमस थी और पसीने छूट रहे थे। बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। हालांकि अधिकतम तापमान 37 डिग्री ही रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया।
क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद तेज आंधी आई जिसके साथ ही कुछ देर के लिए हल्की बूंदाबांदी भी हुई। धूल भरी तेज आंधी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके चलते गर्मी से निजात मिली। किसानों का कहना है कि इस समय धान रोपाई का सीजन चल रहा है। ऐसे में हल्की बारिश भी फायदेमंद है।
आंधी से क्षेत्र के मुख्य सड़क मार्गों पर कई जगह पेड़ गिर गए। गांव सलेमपुरी ग्राम पंचायत का स्वागत द्वार उखड़कर गिर गया। सड़क पर पेड़ व स्वागत द्वार गिरने से आवागमन बाधित रहा। राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कुलां से जाखल रोड पर गांव धारसूल नहर पुल के समीप एक बड़ा कीकर का पेड़ गिर गया, जिससे यातायात बाधित रहा।
मंगलवार दोपहर को आई तेज आंधी व बारिश से क्षेत्र में अनेक स्थानों पर वृक्ष टूट गए। पोल व तारें टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बारिश से भट्टू मंडी की सड़कें जलमग्न हो गई। कई दुकानों में पानी घुस गया। धक्का बस्ती के घरो में भी पानी घुस गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट के सामने लगाया गया रिचार्ज बोर भी बंद हो गया। आदमपुर रोड पर दो से तीन फुट पानी भर गया। आंधी राजकीय महाविद्यालय का मुख्य गेट टूट गया। गेट का पिलर गिर गया और कॉलेज में कई पेड़ गिर गए। अग्रवाल धर्मशाला के समीप एक बरगद का पेड़ गिरने से नीचे रखा चाय का खोखा टूट गया। बिजली के पोल गिर गए। वहां खड़े तीन मोटर साइकिल भी पेड़ के नीचे दब गए।
आंधी में दूर जाकर गिरा खेल स्टेडियम का शेड
क्षेत्र में आई आंधी के चलते गांवों में बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। दर्जनों बिजली के पोल गिर गए। गांव रत्ता खेड़ा में खेल स्टेडियम का भारी भरकम शेड टूट कर करीब 50 फुट दूर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। आंधी के कारण शहर के कई बड़े शोरूम के फ्लैक्स भी टूट कर नीचे गिर गए। शाम तक इलाके में बिजली आपूर्ति शाम तक बहाल नहीं हो पाई थी।
आंधी से जिले में कई जगह पोल टूटे हैं, ट्रांसफार्मर भी खराब हुए हैं। देर रात तक हमारे कर्मचारियों की टीम नुकसान के आंकलन में लगी रही। कुछ एरिया में रात में बिजली सप्लाई चालू हो गई जबकि कुछ ग्रामीण एरिया में बुधवार को सप्लाई बहाल हो सकेगी। -एसएस सांगवान, एसई, बिजली निगम।