फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में दरियापुर ग्राम पंचायत ने अहम पहल की है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई परिचालन एवं रखरखाव नीति के तहत समझौता करने वाली दरियापुर खंड की पहली पंचायत बन गई है। अब गांव की जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत स्वयं संभालेगी।
विशेष बात यह है कि पंचायत जितनी बेहतर जल शुल्क वसूली करेगी उसी के अनुरूप सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि और सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई और पौधरोपण भी किया गया। इसी दौरान ग्रामीण जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत दरियापुर और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
ग्राम पंचायत की सरपंच सुमन रानी ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए गांव में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। समझौते के बाद अब जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन, पाइपलाइन की देखरेख, पंपों के संचालन तथा जल वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पंचायत के पास होगी।
ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि सरपंच सुमन रानी के नेतृत्व में गांव की जल प्रबंधन व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। इससे ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार, जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली, ग्राम सचिव रोशन लाल, बलबीर सिंह, राकेश कुमार, शमशेर सिंह सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
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परिचालन एवं रखरखाव नीति का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा और ग्रामीणों की भागीदारी भी बढ़ेगी। सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय नेतृत्व को सशक्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
- शर्मा चंद लाली, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग