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Fatehabad News: बाढ़ में बह गई जिले की हरियाली, दो लाख पौधे जलमग्न

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फतेहाबाद के बाइपास के एक छोर पर पूरी तरह से जलमग्न हुए हाल में लगाए गए पौधे।
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फतेहाबाद। फतेहाबाद में आई बाढ़ ने न केवल आम जनमानस परेशान हुआ, बल्कि इस बाढ़ में जिले की हरियाली भी बह गई। फतेहाबाद वन विभाग की ओर से 4 जून से वन महोत्सव के बाद से जिले में साल लाख 20 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा था। क्षेत्र में लगाए दो लाख पौधे बाढ़ की चपेट में आने से पूरी तरह से जलमग्न हैं।
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फतेहाबाद में आई बाढ़ के कारण जाखल, रतिया, टोहाना व फतेहाबाद में किसानों ने एक लाख 50 हजार सफेदे व 50 हजार नीम, पीपल, आंवला सहित अन्य पौधे अपने खेतों में रोपित किए थे। बाढ़ आने के कारण यह पौधे पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। यहां तक की सफेदे के दो-दो फुट के पौधे लगाए गए थे, जो बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गए और पानी के साथ ही बह गए। अभी भी बाढ़ का पानी खेतों में है, वन विभाग बाद में यहां पर पौधरोपण की तैयारी करेगा। फतेहाबाद वन विभाग की ओर से इस बार सात लाख 20 हजार पौधे लगाने का निर्णय लिया गया था। इस बार बाढ़ व बारिश ग्रस्त 128 गांवों में शुरुआती तौर पर ही दो लाख पौधे रोपित कर दिए गए थे। यह सभी पौधे वन विभाग की ओर से किसानों को वितरित किए गए थे। जो बाढ़ की चपेट में आ गए। इसके अलावा अन्य स्थानों पर पौधरोपण का कार्य अभी धीमें चल रहा है और बाढ़ को देखते हुए फिलहाल बाढ़ ग्रस्त गांवों के साथ सटे अन्य गांवों में पौधरोपण का कार्य रोक दिया गया है।
कोट

जिले में आई बाढ़ के कारण इस बार बाढ़ ग्रस्त गांवों में दो लाख पौधे बह गए हैं। इनमें डेढ़ लाख क्लोन सफेदा व 50 हजार औषधीय व छायादार पौधे शामिल हैं। अभी फिलहाल बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में पौधरोपण कार्य को रोक दिया गया है। केवल सूखे क्षेत्रों में ही पौधरोपण का कार्य चल रहा है।
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-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।
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