मंडी में धान की सफाई करते मजदूर।
फतेहाबाद। धान की सरकारी खरीद के लिए शहर की पुरानी और अतिरिक्त अनाज मंडी में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक अक्तूबर से शुरू होने वाली खरीद में इस बार किसान की पहचान और फसल की आवक का डिजिटल सत्यापन होगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन और जियो-फेंसिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। दोनों मंडियों के प्रवेश द्वारों पर गेट पास जारी किए जाएंगे। धान लेकर मंडी पहुंचने वाले किसान को खरीद प्रक्रिया के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन करवाना होगा।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान या उसके अधिकृत तीन प्रतिनिधियों में से किसी एक का सत्यापन होने के बाद ही सरकारी खरीद होगी। सत्यापन में सीएससी संचालकों के साथ हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी सहयोग करेंगे।
मंडी में पहुंचने वाले वाहनों का पंजीकरण नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। गेट पास ई-खरीद मोबाइल एप से जारी किए जाएंगे। मंडियों और खरीद केंद्रों पर जियो-फेंसिंग रहेगी। इससे फसल की वास्तविक आवक और किसान की उपस्थिति का डिजिटल सत्यापन हो सकेगा। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया पर निगरानी आसान होगी। जियो-फेंसिंग के जरिये वास्तविक आवक का पता चलेगा। इससे गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया दर्ज रहेगी। खरीद एजेंसियों को उठान व्यवस्था पर ध्यान देना होगा ताकि मंडियों में जगह की कमी न हो और फसल समय पर स्थान तक पहुंचाई जा सके। मंडियों में शौचालय, पेयजल की व्यवस्था कराई गई है।