फतेहाबाद। नगर परिषद ने डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। ये ठेका वर्ष 2023 में मई माह में दिया गया था। ठेके के दौरान शर्त तय की गई थी कि घरों से ही गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग लिया जाएगा।
इसके दूसरी तरफ जमीनी हकीकत ये है कि पांच फीसदी भी गीले-सूखे कचरे का अलग-अलग उठान नहीं हो रहा है। घरों से ही मिश्रित कचरा लिया जा रहा है। वजह ये है कि लोग गीले व सूखे कचरे को लेकर जागरूक नहीं है और न ही नगर परिषद द्वारा इसके बारे में बताया गया है। एजेंसी के कर्मचारी भी गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग डालने को लेकर दबाव भी नहीं बना रहे हैं। जबकि गाड़ियों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डालने के लिए हिस्से बनाए गए हैं।
हालांकि नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि इसको लेकर अब सख्ती की जाएगी और गीला व सूखा कचरा अलग-अलग न डालने वाले प्रॉपर्टी मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- संग्रह स्थल से देरी से हो रहा है उठान
शहर के वार्डों व मुख्य बाजार से कर्मचारियों द्वारा सफाई करने के बाद कचरा संग्रह को लेेकर अलग-अलग प्वाइंट बनाए गए हैं। अधिकतर प्वाइंट मुख्य सड़क के किनारे पर हैं। जिसमें शिवालय मार्केट के सामने, पुराना एसडीएम निवास के सामने, बीघड़ रोड, भट्टू रोड पर सिवाच अस्पताल के सामने, पुराना पीएनबी बैंक के सामने की जगह शामिल है। यहां हालात ये है कि सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे के बीच उठान हो रहा है। इसको लेकर एजेंसी पर करीब चार बार जुर्माना भी लगाया जा चुका है।
- एजेंसी के पास ये है संसाधन
एजेंसी - डिंग पावरमैन
ठेका - 1860 रुपये प्रति टन
रोजाना निकल रहा कचरा - 35 से 40 टन
संसाधन - 27 गाड़ियां जिसमें 18 टिप्पर, 5 छोटे ट्रैक्टर, 2 बड़े ट्रैक्टर, 2 लोडर
कर्मचारी - 52
- चार साल से नहीं खरीदे गए कूड़ादान
जिला मुख्यालय के शहर में कचरा डालने के लिए मुख्य चौक-चौराहों व बाजार में कूड़ादान तक नहीं है। करीब चार साल से डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन यह कागजों में ही अटकी हुई है। कूड़ादान न होने के चलते बाजार में खुले में ही कचरा डाला जा रहा है। हाउस की बैठक में इसको लेकर प्रस्ताव पास हो चुका है। लेकिन नगर परिषद प्रधान और उपप्रधान की खींचतान के चलते खरीद प्रक्रिया सिरे ही नहीं चढ़ पाई है।
-शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर तो कूड़ादान रखे होने चाहिए। दुकानों के आगे कचरे के ढेर लगे रहते हैं। जब उठान नहीं होता है और तेज हवा चलती है तो काफी परेशानी होती है।
- सन्नी भाटिया, दुकान संचालक
- गीले और सूखे कचरे को लेकर लोग जागरूक नहीं है। लोगों को एजेंसी द्वारा ही बताया जाना चाहिए कि वह अलग-अलग कचरा गाड़ी में डाले। लोगों में इस बारे में आदत डालनी होगी।
- योगी हंसराज, पार्षद प्रतिनिधि।
- गीले और सूखे कचरे को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है लेकिन फिर भी लोग मिश्रित ही डाल रहे हैं। जब कहा जाता है तो झगड़ा करने लगते हैं। इसको लेकर सख्ती बरती जाएगी और जुर्माना किया जाएगा।
- कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन