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नौनिहालों का भविष्य अफसरी ढिलाई से लटका

Thu, 16 Mar 2017 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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देवेंद्र दहिया, प्रदेश संगठन सचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ । - फोटो : Amar Ujala
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जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने का सपना, सपना बनकर न रह जाए। दरअसल शिक्षा विभाग ने फतेहाबाद जिले के 12 सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम स्कूलों के पैटर्न पर शिक्षा प्रणाली लागू करने का फैसला किया था। इसके तहत जिले के सभी छह ब्लॉकों से दो-दो स्कूलों के नामों की लिस्ट शिक्षा विभाग के मुख्यालय भेजी जानी थी, लेकिन लगभग एक माह बीतने के बावजूद अभी शिक्षा विभाग जिले के इन 12 स्कूलों के नामों की सूची तक तैयार नहीं कर पाया है। उधर एक अप्रैल से जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो जाएगा। इसके बाद फिर इंग्लिश मीडियम का पैटर्न लागू करना शिक्षा विभाग के अफसरों के लिए खासा मुश्किल हो जाएगा।
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134-ए से वंचित रहे परिवारों के बच्चों को मिलता फायदा
134-ए के तहत दाखिला पाने में असफल रहे मध्यम वर्गीय बच्चों को सरकार की इस योजना से खासा फायदा मिलने की उम्मीद थी। खासकर उन बच्चों को, जो पैसों की तंगी के कारण निजी स्कूलों में पढ़ाई करने में सक्षम नहीं है। योजना के तहत प्राइमरी कक्षा से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक तक विभिन्न संकायों में पढ़ने की सुविधा, लाइब्रेरी, लेबोरेट्री आदि की सुविधा भी निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल की तर्ज पर मिलनी थी। इसके अलावा खेल, शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिलना था। 134-ए के तहत सिर्फ गरीब परिवारों के बच्चों को दाखिला मिलना था, लेकिन अगर शिक्षा विभाग स्कूलों के नाम तय कर देता तो इन स्कूलों में पढ़ने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को भी इसका फायदा मिल जाता।

जिले के 628 स्कूलों में पढ़ते हैं एक लाख से अधिक बच्चे
शिक्षा विभाग के औपचारिक आंकड़ों की मानें तो जिले में कुल 628 सरकारी स्कूल हैं जिसमें 73 सीनियर सेकेंडरी, 71 हाई स्कूल, 86 मिडिल एवं 388 प्राइमरी स्कूलों के अलावा पांच आरोही और पांच कस्तूरबा गांधी स्कूल भी शामिल हैं। इन स्कूलों में लगभग एक लाख से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। शिक्षा विभाग की नई पहल के तहत फिलहाल इसमें से 12 स्कूल इंग्लिश मीडियम के तहत अपग्रेड होने थे। औसतन एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लगभग 500 से अधिक बच्चे हैं। ऐसे में लगभग छह हजार के करीब बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते थे, लेकिन विभाग अब तक 12 स्कूलों के नाम तक फाइनल नहीं कर सका है।
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मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण योजना और रिजल्ट में अव्वल रहे स्कूलों का लग सकता है नंबर
शिक्षा विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग इस सूची में स्कूलों को शामिल करने के लिए दो औपचारिकताओं को ध्यान में रख सकता है। इस सूची में उन स्कूलों को शामिल किया जा सकता है जिन्होंने ब्लॉक या जिला स्तर पर मुख्यमंत्री विद्यालय सौंदर्यीकरण योजना के तहत अव्वल स्थान प्राप्त किया हो। इसमें हिजरावांखुर्द का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नाम शामिल हो सकता है। इसके अलावा जिस स्कूल से पिछली बार बहुत बेहतरीन रिजल्ट आया हो।

जल्द भेजेंगे सूची
मुख्यालय ने प्रत्येक ब्लॉक से इंग्लिश मीडियम में अपग्रेड करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से दो-दो स्कूलों की सूची मांगी गई थी। अभी सूची तैयार नहीं की जा सकी है। जल्द ही सूची तैयार कर भेज देंगे। -दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद ।

शिक्षा विभाग को इसमें कतई ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए। विभाग को जल्द से जल्द लिस्ट तैयार कर आगे भेजना चाहिए। -देवेंद्र दहिया, प्रदेश संगठन सचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ।
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