नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को कायाकल्प योजना के तहत व्यवस्था जांचने के लिए अंतर जिला टीम पहुंची। इस टीम में शामिल चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर के तमाम वार्ड व कमरों का निरीक्षण किया। कमरों के अंदर की सफाई व्यवस्था व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान अस्पताल में 20 मिनट तक पंखे बंद रहे। हालांकि टीम के सदस्यों ने मौखिक तौर पर अपनी कोई राय प्रकट नहीं की है। यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर कर स्वास्थ्य निदेशालय को भेजेगी। टीम की तरफ से नंबर दिए जाएंगे। इसके बाद वहां से राज्य स्तरीय टीम दोबारा जायजा लेगी।
निरीक्षण के लिए जींद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। शुक्रवार को जींद से आई टीम में डॉ. संतलाल, डॉ. विशाल व डॉ. सुनीता शामिल थे। इस टीम ने अस्पताल में कायाकल्प योजना के तहत व्यवस्था की जांच की। इस दौरान एक कमी उन्हें प्रत्यक्ष तौर पर नजर आई। वो यह थी कि उनकी मौजूदगी में बिजली कट लगा रहा। इस दौरान लगभग बीस मिनट तक अस्पताल परिसर में पंखे भी बंद रहे, जहां पर मरीज लेटे हुए थे। इस टीम को अपनी तरफ से अस्पताल को नंबर देने हैं। अभी पता नहीं है कि कितने नंबर देकर रिपोर्ट भेजेगी। टीम के आगमन को लेकर वीरवार को नागरिक अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी व्यवस्था सुधारने के लिए जुटे रहे। मरीजों के बैठने से लेकर साफ-सफाई की नागरिक अस्पताल में व्यवस्था सुधारी गई। शुक्रवार को चौथी बार कायाकल्प योजना के तहत टीम जांच करने के लिए आई है। पहले चार बार नागरिक अस्पताल इस योजना से बाहर हो चुका है।
70 फीसदी अंक लेना जरूरी
कायाकल्प योजना के तहत प्रदेश में पहले नंबर पर रहने वाले नागरिक अस्पताल को सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये मिलते है। नागरिक अस्पताल में कायाकल्प योजना को लेकर चार बार टीम निरीक्षण करने के लिए आ चुकी है। लेकिन हर बार नागरिक अस्पताल को 100 में से 70 से कम अंक मिले है जबकि 70 फीसदी अंक लेना जरूरी है। अगर 70 फीसदी से ज्यादा अंक मिलते हैं तो प्रदेश स्तर की टीम जांच करती है और ग्रेडिंग देती है। अधिकारियों की माने तो अस्पताल की बिल्डिंग पुरानी होने के कारण 70 फीसदी अंक नहीं मिल पा रहे है।
टीम ने मुख्य रूप से जांची ये व्यवस्थाएं
कायाकल्प योजना के तहत टीम अस्पताल में बायोवेस्ट मैनेजमेंट, सफाई व्यवस्था, डॉक्टर और कर्मचारी का यूनिफॉर्म कोड, जागरूकता के लिए पोस्टर, इलैक्ट्रिक व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, ओपीडी रजिस्टर मैनेजमेंट, मरीजों का फीडबैक, मरीजों के बैठने के लिए व्यवस्था आदि की जांच की। इसके आधार पर नंबर दिए जाएंगे। इन तमाम व्यवस्थाओं के लिए अस्पताल प्रशासन पहले से तैयार था। इसलिए स्टाफ के सदस्य वर्दी में आए हुए थे।
कोट
कायाकल्प योजना के तहत टीम निरीक्षण करने के लिए आई थी। इस टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर लिया है। हालांकि टीम ने अभी तक कुछ नहीं बताया है। टीम अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर नंबर सहित जमा करवा देगी। यह बाद में पता चलेगा कि हमारे अस्पताल को कितने अंक मिलते हैं।
- डॉ. हमेश बंसल, इंचार्ज नागरिक अस्पताल।