फतेहाबाद। जिले सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में मिड-डे मील गुणवत्ता सुधार पहल शुरू हुई है। नए सत्र से पहले 462 स्कूलों में कार्यरत करीब 1420 कुक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का लक्ष्य बच्चों तक स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुंचाना है।
शिक्षा विभाग ने इस योजना पर 1.20 लाख रुपये मंजूर किए हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम खंड स्तर पर आयोजित होंगे। इसमें रसोइयों सफाई मानक, रसोई प्रबंधन और भोजन गुणवत्ता सुधार संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण सत्रों में भोजन बनाते समय स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य सामग्री सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने और संतुलित आहार तैयार करने पर जोर रहेगा।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ यह भी बताएंगे कि रसोई क्षेत्र साफ-सुथरा कैसे रखा जाए और संक्रमण फैलाव से बचाव किन उपायों से संभव है। बीमारी जैसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश भी दिए जाएंगे ताकि भोजन व्यवस्था बाधित न हो। इस पहल से स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।
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बच्चों के स्वास्थ्य पर रहेगा फोकस
यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। विभाग का मानना है कि स्वच्छ और संतुलित आहार से न केवल बच्चों का शारीरिक विकास बेहतर होगा बल्कि उनकी स्कूल में उपस्थिति और पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मिड-डे मील को लेकर समय-समय पर सामने आने वाली लापरवाही और स्वच्छता संबंधी शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। विभाग को उम्मीद है कि प्रशिक्षण के बाद स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
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ये है स्कूलों की स्थिति
प्राइमरी स्कूल - 386
मिडिल स्कूल - 78
पहली से पांचवीं तक विद्यार्थियों की संख्या : 36635
छठी से आठवीं तक विद्यार्थियों की संख्या : 27362
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शिक्षा विभाग की तरफ से मिड डे मील तैयार करने वाली कुक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षण खंड स्तर पर एक दिन के लिए आयोजित होगा। इसके लिए विभाग की तरफ से बजट जारी हो चुका है।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी