फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग टीबी के खात्मे के लिए गांवों पर फोकस कर रहा है। विभाग हर माह जिले के दो पीएचसी स्तर के गांवों में शिविर लगाकर लोगों की जांच करेगा। विभाग को गांवों में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए एक और पोर्टेबल एक्सरे मशीन मिली है। विभाग के पास पहले एक मशीन थी, अब एक और मिलने से स्क्रीनिंग जल्द होगी।
अधिकारियों के अनुसार मार्च माह में यह मशीन मिल सकती है। विभाग ने फरवरी माह में पीएचसी खैराती खेड़ा और बड़ोपल में स्क्रीनिंग शुरू की है। 13 फरवरी तक गांव बड़ोपल पीएचसी के तहत आने वाले गांवों में स्क्रीनिंग होगी। इसके बाद 16 से 28 फरवरी तक गांव खैरातीखेड़ा के तहत आने वाले गांवों में विभाग स्क्रीनिंग करेगा।
स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर जांच के लिए नागरिक अस्पताल में भेजे जाएंगे। पिछले साल जिले में टीबी के 2019 केस मिले थे। इसमें 56 बच्चे भी टीबी ग्रस्त मिले हैं।
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टीबी मुक्त पंचायतों का होगा भौतिक सत्यापन
जिले में इस बार टीबी मुक्त पंचायतों के लिए 116 पंचायतें नामांकित हुई हैं। इन पंचायतों का भौतिक सत्यापन अगले सप्ताह शुरू हो सकता है। मुख्यालय की टीम भौतिक सत्यापन करके चयन करेंगी। चयनित पंचायतों को विश्व टीबी दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।
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जिले में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों स्क्रीनिंग की - 3,03,851
जांच में टीबी मरीज मिले - 2019
0 से 14 साल के बच्चे मिले - 56
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टीबी के ये हैं लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या खांसी में बलगम या बलगम में खून आना
- लगातार वजन कम होना
- भूख ना लगना
- दोपहर बाद बुखार आना
- रात को पसीना आना
- छाती में दर्द
- शरीर के किसी भी हिस्से पर गांठ होना
- नवजात शिशुओं का वजन न बढ़ना
- कमजोरी महसूस होना
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टीबी से बचाव के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। गांवों में स्क्रीनिंग कैंप लगाकर जांच की जा रही है। जिस मरीज में लक्षण मिल रहे उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
-डॉ. अमित कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी