फतेहाबाद। शादियों के सीजन में शहर के बाजारों में रौनक लौट आई है। अब शादियां केवल रस्मों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि यह फैशन और स्टाइल का एक बड़ा मंच बन गई हैं। दूल्हा और दुल्हन अब अलग-अलग दिखने के बजाय मैचिंग ड्रेस को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके साथ ही, महंगाई और फैशन के बदलते दौर में लोग महंगे कपड़े खरीदने के बजाय उन्हें किराये पर लेना ज्यादा समझदारी मान रहे हैं।
शहर के मुख्य बाजारों और जवाहर चौक स्थित कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लेकिन इस बार शादियों में एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर की चार मरला कॉलोनी में बनी कपड़ों की दुकानों पर नजर डालें तो दूल्हा-दुल्हन के बीच पारंपरिक लाल और सुनहरे रंगों से हटकर अब पेस्टल रंगों का क्रेज बढ़ा है। यदि दुल्हन पीच, पिस्ता या ऑफ-व्हाइट कलर का लहंगा पहन रही है, तो दूल्हा भी उसी रंग की शेरवानी या कम से कम उसी रंग की पगड़ी और दुपट्टा कैरी कर रहा है।
बाजार में इस समय दुल्हनों के लिए रजवाड़ा स्टाइल, वेलवेट वर्क और मिरर वर्क वाले भारी लहंगों की मांग सबसे ज्यादा है। वहीं दूल्हों के लिए इंडो-वेस्टर्न शेरवानी, जोधपुरी सूट और अचकन की मांग है, जो दुल्हन के लहंगे के डिजाइन और रंग से मेल खाते हों। सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम रील्स और प्री-वेडिंग शूट के चलन ने इस कलर को-ऑर्डिनेशन के ट्रेंड को और हवा दी है। हर कोई अपनी शादी में सेलिब्रिटी जैसा दिखना चाहता है।
खरीदने से बेहतर किराये पर लेना ज्यादा अच्छा
शादी की भव्यता के बीच लोग अब अपनी जेब का भी पूरा ख्याल रख रहे हैं। एक अच्छे डिजाइनर लहंगे की कीमत बाजार में 20 हजार रुपये से शुरू होकर लाखों तक जाती है। वहीं स्थिति दूल्हे की शेरवानी की भी है। चूंकि ये कपड़े इतने भारी और विशेष होते हैं कि इन्हें शादी के बाद दोबारा पहनना लगभग नामुमकिन होता है, इसलिए लोग अब इन कपड़ों को किराये पर लेकर विकल्प अपना रहे हैं।
शेरवानी व लहंगा एक बार डालने की चीज
शहर की चार मरला कॉलोनी, थाना रोड व धर्मशाला रोड पर स्थित शोरूम संचालक विनोद अरोड़ा, पंकज कुक्कड़, दीपक मेहता का कहना है कि पिछले कुछ सालों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। जो शेरवानी बाजार में खरीदने पर 10 से 30 हजार की मिलती है, वह किराये पर महज 2 से 5 हजार रुपये में उपलब्ध है। दुल्हन का 50 हजार से 1 लाख रुपये वाला लहंगा, किराये पर 5 से 15 हजार रुपये के बीच आसानी से मिल जाता है। इससे न केवल पैसों की भारी बचत होती है, बल्कि दूल्हा-दुल्हन को कम कीमत में प्रीमियम और लेटेस्ट डिजाइन पहनने का मौका मिल जाता है।