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अदालत ने पिता को सुनाई तीन साल कैद की सजा

Tue, 04 Nov 2014 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोनिका गोयल की अदालत ने मारपीट के मामले में एक व्यक्ति को तीन वर्ष की कैद और सात हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। खास बात यह रही कि पुलिस इस मामले में आरोपी को निर्दोष साबित करने की कोशिश में जुटी रही। डाक्टरों की गवाही पर आरोपी को सजा हुई है।
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धारनियां निवासी बिश्नाराम के पुत्र बालूराम का विवाह पंजाब के कीकरावालीं रूपां गांव निवासी रमेश की बेटी से हुआ था। दंपति की आपस में बनी नहीं और नौबत तलाक तक आ पहुंची। इसी विवाद में आरोप है कि लड़की का पिता रमेश 6 सितंबर 2010 को अपने साथियों के साथ बिश्नाराम की ढाणी पहुंचा।

 बिश्नाराम व उसकी पत्नी पर तेजधार हथियार से हमला बोल दिया। घायल बिश्नाराम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फतेहाबाद सदर पुलिस ने 8 सितंबर को बिश्नाराम के बयान पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 323, 324, 326, 452 के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया, मगर किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। 17 नवंबर को बिश्नाराम ने अदालत की शरण ली।
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अदालत से केस की स्टेट्स रिपोर्ट पूछी गई। तो पुलिस ने जवाब दिया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बिश्नाराम ने झूठी शिकायत की है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने जांच के बाद मामला रद कर दिया है। बिश्नाराम ने 30 मार्च 2011 को अदालत में आरोपियों के विरुद्ध इस्तगासा दायर किया। इस मामले में डाक्टरों ने भी गवाही दी और माना कि बिश्नाराम घायल हुआ था।

सोमवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोनिका गोयल की अदालत ने सबूतों के आधार पर लड़की के पिता रमेश को तीन वर्ष कैद और सात हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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