फतेहाबाद। पहले से लगाए जा रहे कयासों के मुताबिक चौटाला परिवार का सदस्य फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उतर गया है। पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के बेटे स्व. प्रताप चौटाला की पुत्रवधू सुनैना चौटाला को इनेलो-बसपा की संयुक्त उम्मीदवार बनाया गया है। चौटाला परिवार की एंट्री के साथ ही फतेहाबाद हलके में चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है।
अगर इनेलो ने पुरजोर तरीके से चुनाव लड़ा तो भाजपा प्रत्याशी दुड़ाराम की मुश्किलें बढ़ेंगी। दरअसल, चौटाला परिवार के गृह जिले सिरसा के साथ लगता जिला होने के कारण फतेहाबाद में इस परिवार का विशेष प्रभाव रहा है। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में जिले की तीन में से दो सीटों पर इनेलो ने जीत हासिल की थी। फतेहाबाद से बलवान दौलतपुरिया और रतिया से प्रो. रविंद्र बलियाला इनेलो के टिकट पर जीते थे। वहीं, साल 2019 में भी अजय चौटाला की पार्टी जजपा से देवेंद्र बबली ने टोहाना में जीत दर्ज की थी।
स्व. देवीलाल परिवार से सियासत में आई दूसरी महिला हैं सुनैना
स्व. चौधरी देवीलाल के परिवार से सियासत में आने वाली सुनैना चौटाला दूसरी महिला हैं। इससे पहले उनकी जेठानी नैना चौटाला का राजनीतिक पदार्पण हुआ था। हालांकि, सुनैना चौटाला इनेलो के दो फाड़ होने के बाद राजनीति में आई थी। उन्हें अभय सिंह चौटाला ने महिला विंग की प्रदेश महासचिव का दायित्व देकर महिलाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए मैदान में उतारा। बेहद मिलनसार स्वभाव की सुनैना चौटाला ने बेहद कम समय में महिलाओं व युवाओं में अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है। इस चुनाव से पहले वह हिसार लोकसभा से इनेलो प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुकी हैं। उनके पति रवि चौटाला स्व. चौधरी देवीलाल के पीएसओ होते थे। उन्होंने भी डबवाली हलके से चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह जीत नहीं पाए थे। मगर उनके पास भी राजनीति का लंबा अनुभव है।
-
भट्टू क्षेत्र के गांवों में रहा है इनेलो का वर्चस्व
दरअसल, पहले भट्टू विधानसभा क्षेत्र था। उस क्षेत्र से स्व. देवीलाल और फिर प्रो. संपत सिंह लोकदल व इनेलो के बैनर तले विधायक बनते रहे हैं। अब भट्टू फतेहाबाद विधानसभा का ही हिस्सा है। भट्टू खंड में 24 गांव आते हैं। पूरा क्षेत्र ही ग्रामीण पृष्ठभूमि का है। इसी तरह फतेहाबाद शहर और इसके आसपास के गांवों में भी इनेलो का पुराने समय में खासा प्रभाव रहा है। इनेलो जिलाध्यक्ष बलविंद्र कैरो भूना के रहने वाले हैं। ऐसे में भूना क्षेत्र से वह और उनकी टीम जोर लगा सकती है। इस तरह सामूहिक प्रयासों से इनेलो अपनी खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने में सफल हो सकती है।
:: इनेलो का पुराने समय में फतेहाबाद जिले में अच्छा प्रभाव रहा है। भट्टू क्षेत्र के गांवों से लेकर फतेहाबाद शहर व इसके आसपास के ग्रामीण इलाके में इनेलो का बड़ा वोट बैंक रहा है। अगर इनेलो पूरी गंभीरता के साथ चुनाव लड़ें तो निश्चित रूप से खोई हुई सियासी जमीन वापस पा सकती है।
देवेंद्र सिंह, राजनीतिक विशेषज्ञ, फतेहाबाद