फतेहाबाद। शिक्षा के क्षेत्र में जिला आज भी पिछड़ा हुआ है। उच्च शिक्षा को लेकर बच्चे पढ़ने के लिए दूसरे जिलों में जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट अटक कर रह गया है। ढाई साल पहले जिला मुख्यालय को राजकीय महाविद्यालय मिला लेकिन वह आज भी उधारी जगह पर चल रहा है।
हालात ये है कि वित्त विभाग से पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। सेक्टर पांच में भवन निर्माण को लेकर प्रोजेक्ट फंसा हुआ है। उम्मीद है कि वर्ष 2026 में परियोजना पर काम शुरू हो जाए। सरकारी स्कूलों में भी नए साल में उठा-पटक होने जा रही है। प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर होने जा रहे है। उम्मीद जताई जा रही है कि खाली पड़े पद भरे जा सकते हैं। इस साल खास बात यह रही है कि जिला स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। यहां पर डीईईओ का पद खाली पड़ा था। इसके अलावा डाइट प्रिंसिपल पद भी नियुक्ति हो चुकी है।
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चर्चा में रहा भूना निजी स्कूल का मामला
भूना क्षेत्र के एक प्राइवेट स्कूल में छात्राओं के साथ मारपीट का मामला सुर्खियों में रहा था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी व महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया था। जिला शिक्षा विभाग मान्यता रद की सिफारिश भी निदेशालय से कर चुका है।
पिछले छह सालों का परीक्षा परिणाम
वर्ष बारहवीं
बारहवीं
2020 83.89
69.77
2021 100 100
2022 89.69
69.07
2023 87.03
72.40
2024
86.27
97.06
2025
90.62
92.49
परिणाम प्रतिशत में है।
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ये है विद्यार्थियों की स्थिति
वर्ष
प्राइमरी
मिडिल
कुल
2015-16
45115
32301
77416
2016-17
43222
31349
74571
2017-18
44141
29214
73355
2018-19
42656
28015
70671
2019-20
41156
27987
69143
2020-21
46243
28241
74484
2021-22
54573
31256
85829
2022-23
47176
30476
77652
2023-24
41234
30619
71853
2024-25
36749
29237
65986
2025-26
36635
27362
63997
जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति
खंड
प्राइमरी
मिडिल हाई सी.सेकेंडरी
फतेहाबाद
104
21
20
21
भूना
52
6
9
18
भट्टू
38
8
7
14
टोहाना
67
21
4
20
रतिया
90
27
5
22
जाखल
33
8
3
8
कुल
384
91
48
103
जिले में ये हैं स्कूल
पीएम श्री स्कूल : 14
आरोही माडल स्कूल : 5
कस्तूरबा गांधी विद्या मंदिर स्कूल : 5
संस्कृति माडल स्कूल : 8
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जिले में प्राइवेट स्कूल
प्राइमरी : 32
मिडल : 68
हाई : 46
सीनियर सेकेंडरी : 95
कुल : 241
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महाविद्यालयों की संख्या
सरकारी : 7
निजी : 4
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास में है। सुविधाएं दी भी जा रही है। शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति भी हो चुकी है। मिशन बुनियाद और सुपर-100 के तहत विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।
-संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी।