फतेहाबाद। नगर परिषद ने शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। दो साल से एजेंसी के पास ठेके होने बावजूद शहर बेसहारा पशुओं से मुक्त नहीं हुआ है। हालात ये है कि शहर की मुख्य सड़कों पर बेसहारा पशुओं को झुंड घूम रहा है। इस कारण हादसे होने की आशंका बनी रहती है।
इन पशुओं के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार से रिफ्लेक्टर पहनाने का अभियान शुरू किया है। टीमों ने शहर के बीघड़ रोड, सिरसा रोड पर पशुओं के गले में रिफ्लेक्टर की माला डाली। थाना यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक जय सिंह ने बताया कि अक्सर रात के समय व कम रोशनी में सड़कों पर बैठे या चलते पशु वाहन चालकों को समय पर दिखाई नहीं देते। इस कारण सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस की ओर से यह अभियान चलाया गया। इसमें बेसहारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट पहनाई गईं। ये रिफ्लेक्टर रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही दूर से चमकते हैं, इससे चालक सतर्क हो जाते हैं और समय रहते वाहन की गति नियंत्रित कर सकते हैं। टीम ने प्रमुख सड़कों, हाईवे किनारे, चौक-चौराहों तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान दिया। आमजन और पशुपालकों से भी अपील है कि वे अपने पशुओं को खुले में छोड़ने से बचें और उनकी उचित देखरेख करें।
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नगर परिषद ने 1012 रुपये में दिया है ठेका
नगर परिषद बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को वर्ष 2024 में ठेका दिया था, पिछले साल इसी एजेंसी को दोबारा ठेका दे दिया गया। हालात ये है कि रात के समय शहर के भट्टू रोड, बीघड़ रोड, हिसार-सिरसा रोड पर पशुओं को जमावड़ा लगा रहता है।
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सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है। इस तरह की छोटी लेकिन प्रभावी पहल से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि बेजुबान पशुओं की जान भी सुरक्षित रह सकेगी।
सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक