भूना। क्रिकेट मैच पर बुकी का मुकदमा दर्ज किए जाने के खिलाफ पीड़ित ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार कर ली है और इसी सप्ताह 11 नवंबर को मामले को लेकर सुनवाई होगी।
पीड़ित ने याचिका राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ ने सीआईए फतेहाबाद के तत्कालीन इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर दाखिल की है। ढाणी डूल्ट निवासी नरेश सोनी ने सीआईए पुलिस फतेहाबाद पर क्रिकेट मैच सट्टा बुकी का 17 अप्रैल 2023 को झूठा मुकदमा दर्ज करने पर न्याय के लिए पुलिस के खिलाफ प्राधिकरण में शिकायत देकर गुहार लगाई थी।
प्राधिकरण के अवर सचिव ने शिकायत की जांच एसपी के माध्यम से कराई। प्राधिकरण ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और इसी साल 3 सितंबर को मामले का फैसला सुनाया। 25 सितंबर को संबंधित फैसले पर कार्रवाई के लिए सिफारिश की गई। प्राधिकरण ने पीड़ित पक्ष द्वारा रखे गए सबूत के आधार पर सीआईए फतेहाबाद के तत्कालीन इंस्पेक्टर कपिल सिहाग, एएसआई प्रवीण कुमार, एएसआई रामअवतार, हेड कांस्टेबल गुरपान सिंह, हेड कांस्टेबल रोहताश कुमार, ईएचसी सुभाष चंद्र, कांस्टेबल कमलदीप कांस्टेबल सतीश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। परंतु प्राधिकरण के फैसले के बाद अतिरिक्त गृह राज्य सचिव द्वारा अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में शरण ली है।
यह था मामला
दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नरेश सोनी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन सीआईए प्रभारी कपिल सिहाग ने टीम के साथ षडयंत्र एवं रंजिश के तहत उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। 17 अप्रैल 2023 की शाम को वह अपनी दुकान के बाहर निकल रहा था तो एक आदमी ने आकर चांदी का कड़ा मांगा। उसके पीछे तीन और लोग दुकान में आ गए। एक ने उसका मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया, दुकान में रखे खाता रजिस्टर उठा लिए। उन्होंने कहा कि वे लोग सीआईए से हैं और इंचार्ज कपिल सिहाग ने थाने में लेकर आने को कहा है। इन लोगों ने सीसीटीवी के डीवीआर का कनेक्शन काट दिया और दो लाख रुपये, दो मोबाइल फोन, रजिस्टर और डीवीआर ले गए। उसे हिरासत में लेकर कपिल सिहाग के पास सीआईए में ले गए। वहां इंचार्ज ने उसकी जेब में रखे 40 हजार रुपये निकाल लिए और धमकी दी कि अगर 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसा देंगे। आरोप है कि उसे जबरदस्ती थाने में अवैध तरीके से बिठाए रखा। उसी रात दस बजे दुकान पर जाकर सीआईए पुलिसकर्मियों ने दीवार से एलईडी उतारकर पुन: उसे पुलिस स्टेशन भूना ले गए। जहां पर उसके खिलाफ क्रिकेट सट्टा बुकी का झूठा केस दर्ज कर दिया। इसके बाद उसने शिकायत राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ को दी। प्राधिकरण ने सीसीटीवी फुटेज, जीपीएस, केस दर्ज करने के समय, स्ट्रांग रूम में बिना इजाजत के प्रवेश करने, डीवीआर निकालने, क्रिकेट सट्टा मैच का समय गलत होने, उसके एलईडी के सामने सट्टा खेलने के बजाय बाहर सड़क पर खड़ा होने, 2 लाख 40 हजार की राशि का रिकॉर्ड सही मिलने और सीसीटीवी में लेनदेन के सुबूत स्पष्ट पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की थी।
पुलिसकर्मी समझौते के लिए बना रहे थे दबाव : सोनी
शिकायतकर्ता नरेश सोनी ने बताया कि राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण चंडीगढ़ ने निष्पक्ष जांच के बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश किए जाने के बाद संबंधित आरोपी उस पर दबाव बन रहे हैं। इसलिए उसकी जान को भी खतरा है। उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करके आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है।