फतेहाबाद। ग्रुप सी स्क्रीनिंग परीक्षा के लिए प्रदेश के हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और पानीपत में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षार्थियों के लिए फतेहाबाद से 29 बसों को भेजने का प्रबंध किया गया था, लेकिन परीक्षार्थियों ने रोडवेज की बसों के बजाय अपने निजी वाहनों से जाना उचित समझा। सिर्फ 23 फीसदी परीक्षार्थियों ने रोडवेज बसों का सहारा लिया। यहां तक की पानीपत के लिए दो बसें रोडवेज विभाग ने रखी थी, लेकिन पहली बस में कम परीक्षार्थी होने के चलते दूसरी बस को अन्य रूट पर रवाना किया गया।
सीईटी फेज-दो के लिए परीक्षार्थियों को अपने सेंटरों पर जाने के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने प्रदेश के हर रोडवेज डिपो से बसों का प्रबंध किया था। फतेहाबाद से रविवार को सीईटी के लिए परीक्षार्थियों के लिए 29 बसों को जाना था। रोडवेज डिपो फतेहाबाद व सब डिपो टोहाना से यह बसें चलनी थी और पहले दिन विभाग को उम्मीद थी कि पहले दिन बसों से 1366 परीक्षार्थी जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। पहले ही दिन परीक्षार्थियों ने रोडवेज बसों से किनारा किया और सिर्फ 316 परीक्षार्थी ही बसों से सफर करके अपने केंद्रों पर पहुंचे। इस कारण टोहाना से मात्र पांच व फतेहाबाद से मात्र छह बसें चली। इन बसों में परीक्षार्थियों की संख्या 25 से 30 के बीच में रही।
पानीपत के लिए लिए थी दो बसें, एक में बैठे सिर्फ 11 परीक्षार्थी
फतेहाबाद से पानीपत के लिए दो बसों का इंतजाम परीक्षार्थियों के लिए किया गया था। पहली बस में मात्र 11 परीक्षार्थी ही बैठे तो दूसरी बस को रोक दिया गया, इसे अन्य रूट पर भेज दिया गया।
कोट
रोडवेज के फतेहाबाद डिपो व टोहना सब डिपो से परीक्षार्थियों के लिए 29 बसों का संचालन किया जाना था। रविवार को मात्र 316 परीक्षार्थी ही पहुंचे और रोडवेज की 11 बसों को भेजा गया है।
-हवासिंह राड़, बस स्टैंड इंचार्ज, फतेहाबाद।