रतिया। बजट पारित करने के लिए नगर पालिका में मंगलवार को छठी बार सदन की बैठक बुलाई गई। एसडीएम सुरेश कुमार की अध्यक्षता के बावजूद यह बैठक विफल हो गई। इस कारण बैठक में बजट भी पारित नहीं हो पाया।
बैठक शुरू होते ही पिछली पांच बैठकों में बजट का विरोध करने वाले पार्षद अपने हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे। इनमें लिखा था कि नगर पालिका रतिया भ्रष्टाचार का कार्यालय है, जहां पार्षदों की सुनवाई नहीं होती।
बैठक शुरू होते ही पार्षद पोस्टर लहराने लगे तो एसडीएम ने पार्षदों को बैठकर बात करने के लिए कहा लेकिन पूर्व की बैठकों की तरह पार्षदों ने नगर पालिका अधिकारियों पर पिछले दो वर्ष में हुए विकास कार्यों का हिसाब न देकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए।
पार्षद विजय गर्ग ने कहा कि बजट पारित होने से पहले एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2025 तक हुए विकास कार्यों की निविदा आदि की जानकारी दी जाए।
पार्षद गर्ग ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के अधिकारी कह रहे हैं कि 70 से 75 करोड़ रुपये तक की निविदा आमंत्रित की गई। इसके बावजूद उन्हें नहीं बताया जा रहा कि किस गली के निर्माण की निविदा किसने और कितने रुपये में ली है।
पार्षद गुरप्रीत गोपी ने कहा कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। पार्षदों ने कहा कि पिछला हिसाब मिलने तक वह बजट पास नहीं करेंगे।
पार्षदों के हंगामे के बीच एसडीएम सुरेश कुमार ने बैठक में कहा कि बजट पास करना चाहने वाले पार्षद अपना हाथ उठाकर सहमति दें जिस पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा बैठक में मौजूद अन्य 16 पार्षदों ने हाथ नहीं उठाया।
इसके बाद विरोध कर रहे पार्षदों ने एसडीएम के समक्ष पार्षदों का पक्ष रजिस्टर में दर्ज करवाने के लिए कहा, जिस पर एसडीएम ने इन्कार कर दिया तो पार्षद खड़े हो गए। 15 पार्षदों ने एसडीएम को हस्ताक्षरयुक्त बयानों की कॉपी सौंपकर उसे रजिस्टर में दर्ज करने के लिए कहा।
जिस पर एसडीएम सुरेश कुमार ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है जिस पर पार्षद विजय गर्ग, गुरप्रीत गोपी, सतपाल आदि पार्षदों की एसडीएम सुरेश कुमार के साथ नोकझोंक हो गई।
इसी दौरान एसडीएम ने कहा कि उनके विरोध के कारण विकास कार्य और कर्मचारियों की तनख्वाह अटकी है। एसडीएम के बजट पास करवाने के प्रयासों पर पार्षद बिफर गए और बैठक में हंगामा हो गया जिससे खफा होकर एसडीएम सभा कक्ष से बाहर आ गए।
इसके बाद विजय गर्ग, सतपाल, गुरप्रीत अजमेर, हैप्पी, अजय, गुरविंदर आदि पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की धक्केशाही नहीं सही जाएगी। पार्षदों ने किसी दबाव में आने से मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक वह बजट पास नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन पर दबाव डाला गया तो वह कोर्ट की भी शरण लेंगे।
बैठक में नगर पालिका सचिव शिवम कुमार, अध्यक्ष प्रीति खन्ना, उपाध्यक्ष जोगिंदर नंदा सहित शहर के सभी पार्षद, नगर पालिका अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर पहुंचे थे एसडीएम
एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर उनके नेतृत्व में बजट बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें पार्षदों ने बजट प्रस्ताव को पास करने से इन्कार कर दिया। इस कारण बजट पास नहीं हो पाया। पार्षदों के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोई शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर आरोप की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोबारा बैठक कर बजट पास करवाने का प्रयास किया जाएगा।